‘शैक्षणिक संस्थानों का राजनीतिकरण’ विषय पर फाइनल स्पीच आज
ब्यरो, अमर उजाला अलीगढ़।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव लड़ रहे प्रमुख प्रत्याशियों की फाइनल स्पीच आज है। अध्यक्ष पद के तीन, उपाध्यक्ष पद के छह एवं सचिव पद के पांच प्रत्याशी ऐतिहासिक यूनियन हॉल की छत से छात्रों को संबोधित करेंगे। फाइनल स्पीच का विषय ‘ शैक्षणिक संस्थानों का राजनीतिकरण : वरदान या अभिशाप’ रखा गया है।
एएमयू छात्र संघ चुनाव के पहले फाइनल स्पीच की परंपरा है। इसमें प्रमुख पदों पर चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को निर्धारित विषय पर बोलना होता है। प्रत्याशी हिंदी, अंग्रेजी या उर्दू आदि भाषाओं में अपनी स्पीच दे सकते हैं। मुख्य चुनाव अधिकारी मुजिबउल्लाह जुबैरी कहते है कि फाइनल स्पीच के दौरान प्रत्याशियों को कोड ऑफ कंडक्ट का ध्यान रखना होता है। फाइनल स्पीच में एएमयू के छात्र बड़ी संख्या में शामिल होते हैं और उसके बाद ही प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होता है। छात्र संघ चुनाव में प्रत्याशियों के जीत-हार में फाइनल स्पीच एवं उसमें उठाए गए मुद्दों की भूमिका अहम होती है।
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विवादित बोल के कारण पिछली बार सुर्खियों में रहा था फाइनल स्पीच
अमर उजाला ब्यूरो
अलीगढ़।
पिछले छात्र संघ चुनाव का फाइनल स्पीच विवादस्पद बोल के कारण सुर्खियों में रहा था। सचिव पद के प्रत्याशी महफूज आलम ने एक कश्मीर के छात्र के बिना आरोपों की जांच निष्कासन पर सवाल उठाते हुए इंतजामिया को घेरने का प्रयास किया था। उसके बाद इस मामले को लेकर काफी हंगामा हुआ था।
दरअसल मुदस्सिर नामक एक कश्मीर के छात्र को फाइनल स्पीच के कुछ समय पहले विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया गया था। फेसबुक पर कश्मीर के ऊड़ी में शहीद हुए 30 से अधिक जवानों पर अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा था। उसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कश्मीर के छात्र को निष्कासित कर दिया था। उस समय ले. जनरल जमीरउद्दीन शाह (सेवानिवृत्त) कुलपति थे। यह मामला थाने तक पहुंचा था। हालांकि सचिव प्रत्याशी महफूज आलम का कहना था कि उनके स्पीच को गलत तरीके से पेश कर दिया गया था। उनका बस इतना कहना था कि निष्कासन के पहले आरोपों की जांच होनी चाहिए थी।
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सात महीने की सरकार
अलीगढ़। एएमयू छात्र संघ का चुनाव भले ही पूरे उत्साह से छात्र लड़ रहे हैं। लेकिन चुनाव के बाद छात्र संघ के पदाधिकारियों को मुश्किल से सात महीने का समय मिलेगा। निवर्तमान छात्र संघ भी करीब सात महीने रही थी, उसके बाद उसका कार्यकाल समाप्त हो गया था। उल्लेखनीय है कि छात्र संघ का कार्यकाल एक सत्र के लिए होता है। लिंगदोह की सिफारिशों के अनुसार चुनाव नया सत्र शुरू होने के आठ सप्ताह के अंदर हो जाना चाहिए। लेकिन इस बार भी चुनाव निर्धारित समय से बहुत विलंब से हो रहे हैं।
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प्रत्याशियों ने झोंकी ताकत
अलीगढ़। छात्र संघ चुनाव में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव सहित कैबिनेट एवं कोर्ट सदस्य का चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। एएमयू कैंपस बैनर-पोस्टर से पट गया है। कई छात्र नेताओं ने अपने समर्थकों के साथ बाइक रैली निकालकर अपनी ताकत का अहसास कराया। जमीन से लेकर इंटरनेट तक प्रत्याशियों के बीच घमासान है। वाट्स एप, फेसबुक, इंस्टाग्राम से लेकर यू ट्यूब पर प्रत्याशी अपने भाषण अपलोड कर रहे हैं।
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वीमेंस कॉलेज की छात्राएं भी पीछे नहीं
अलीगढ़। वीमेंस कॉलेज स्टूडेंट यूनियन चुनाव में भी छात्राएं पीछे नहीं है। कैंपस में जोरदार चुनाव प्रचार कर रही हैं। कई प्रत्याशी मतदाताओं तक पहुंचने के लिए सोशल मीडिया का भी सहारा ले रही हैं। समूह में छात्राएं कॉलेज के अतिरिक्त हॉल एवं हॉस्टल में पहुंचकर अपनी प्रत्याशी को जिताने की अपील कर रही हैं।
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हेडिंग...
अंतरराष्ट्रीय फंड नहीं मिलने से शोध छात्र दुखी
अमर उजाला ब्यूरो
अलीगढ़।
एएमयू प्रशासन द्वारा शोध छात्रों को अंतरराष्ट्रीय फंड का पूरा लाभ नहीं देने से नाराजगी है। शोध छात्र इससे बेहद व्यथित है। शोध छात्र महफूज आलम का कहना है कि तमाम केंद्रीय विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय सेमिनार एवं कांफ्रेंस में भाग लेने वाले शोध छात्रों के लिए फंड होता है। शोध केंद्रित यूनिवर्सिटी होने के बावजूद एएमयू में शोध छात्रों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। छात्रों को कांफ्रेंस से लौटने के बाद मुश्किल से 50 प्रतिशत धन राशि दी जाती है। प्रशासन यह कहकर छात्रों को शेष राशि नहीं देती है कि पैसे नहीं है। यह शोध छात्रों के साथ अन्याय है। शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में भाग लेने के पहले अग्रिम धनराशि दे दी जाती है। उन्हें पूरा पैसा मिलता है, लेकिन शोध छात्रों के साथ भेदभाव किया जाता है।
एएमयू छात्र संघ चुनाव में इस बार भी क्षेत्रीयता एवं अन्य मसले को उठाकर कुछ लोग उसका लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं। इससे भी एएमयू को लेकर गंभीर छात्रों में निराशा है। सेंट्रल कैंटीन, बुक बैंक, गरीब छात्रों को फेलोशिप, लड़कियों को बस की सुविधा आदि मुद्दे प्रमुखता से नहीं उठने की चर्चा छात्रों के बीच है। कई विभागों में रिसर्च स्कालर लैब नाम के हैं। उसमें आईसीटी सुविधा उपलब्ध नहीं है। शोध छात्रों को सुपरवाइजर पर्याप्त समय नहीं देते और कोर्स समय से पूरा नहीं होता। लेकिन चुनाव में यह सब मुद्दा गायब है या प्रमुखता से नहीं उठ रहा है।
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कई छात्र नेताओं को नोटिस
अलीगढ़। एएमयू छात्र संघ चुनाव में प्रिटेंड मैटेरियल यूज करने पर कई छात्रों को अधिकारियों द्वारा नोटिस दिया गया है। करीब पांच प्रत्याशियों को डीएसडब्लू द्वारा नोटिस दिया गया है। मुख्य चुनाव अधिकारी ने मामला संज्ञान में आने के बाद चौकसी बढ़ा दी है और बैनर-पोस्टर और प्रत्याशियों की अन्य गतिविधियों पर अधिकारियों की नजर है। वीडियो रिकार्डिंग एवं फोटो भी कराए जा रहे है, ताकि जरूरत पड़ने पर सबूत के साथ प्रत्याशी के खिलाफ कार्रवाई हो सके।
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