फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमुटा के पूर्व सचिव पर छात्र नेता ने लगाया चाकू से हमले का आरोप

विज्ञापन
विज्ञापन
अमुटा के पूर्व सचिव पर छात्र नेता ने लगाया चाकू से हमला का आरोप
विज्ञापन


ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।

एएमयू छात्र संघ चुनाव में सचिव पद के प्रत्याशी रहे छात्र नेता इमरान गाजी ने राजनीति विज्ञान के अध्यक्ष प्रो. असमर बेग के इशारे पर पूर्व अमुटा सचिव प्रो. आफताब आलम एवं प्रो. नसीम अहमद पर चाकू से हमला करने का आरोप लगाया है। खून से लथपथ छात्र नेता को जेेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। वहीं, पूर्व अमुटा सचिव ने आरोप को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि इमरान गाजी ने स्वयं शीशे में हाथ मारकर घायल हुआ है। आर्ट फैकल्टी में हंगामा के कारण छात्र इधर-उधर भागने लगे।

छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष नदीम अंसारी एवं छात्र नेता इमरान गाजी (एमए दर्शनशास्त्र) सोमवार को आर्ट फैकल्टी में कुछ छात्रों का प्रवेश रद्द होने पर पहुंचे थे। नदीम अंसारी का कहना है कि डीएसडब्लू विभाग में कुछ छात्रों का एडमिशन रद्द कर दिया गया था। उनका कहना था कि यदि छात्रों के डाक्यूमेंट या अन्य चीजें पूरे नहीं थे, तो प्रवेश कैसे मिल गया। यह यूनिवर्सिटी की गलती है, छात्र की नहीं। इसी बात को लेकर आर्ट फैकल्टी में हंगामा होने लगा।
विज्ञापन


छात्र नेता इमरान गाजी का आरोप है कि राजनीति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. असमर बेग के इशारे पर प्रो. आफताब आलम एवं प्रो. नसीम अहमद ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में उनका हाथ कट गया। हाथ का खून बरामदे में टपकने एवं हंगामा के कारण फैकल्टी में भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। छात्र नेता इमरान गाजी को इलाज के लिए जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। पूर्व उपाध्यक्ष नदीम अंसारी ने बताया कि इमरान के हाथ की दो नसे फट गई थी। उनके ऑपरेशन में दो घंटे लगे।
विज्ञापन


इमरान गाजी ने इस मामले में प्रॉक्टर आफिस के माध्यम से थाना सिविल लाइन में तीनों शिक्षकों के खिलाफ तहरीर दी है। दूसरी तरफ अमुटा के पूर्व सचिव प्रो. आफताब आलम ने छात्र नेता द्वारा लगाए गए आरोप को बेबुनियाद करार दिया है। उनका कहना है कि इमरान गाजी ने स्वयं शीशे में हाथ मारकर मेडिकल कॉलेज पहुंच गया। विभाग की ओर से इस मामले में इमरान गाजी एवं अन्य युवकों के खिलाफ तहरीर दी थी। छात्र नेताओं पर शिक्षकों के साथ बदतमीजी एवं सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया गया है। दूसरी तरफ डीन आफिस की तरफ से बताया गया है कि इमरान गाजी यूनिवर्सिटी का बोनाफाइड छात्र नहीं है।
---
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें