न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
प्राचीन सिद्धपीठ गिलहराज मंदिर में हनुमान जन्मोत्सव के अंतर्गत अंतिम दिन प्रसिद्ध भजन गायक चित्र विचित्र की भजन संध्या में श्रद्धालु मंत्रमुक्त हो गए। देर रात तक दी भजनों की प्रस्तुति पर सैकड़ों लोग भक्ति में डूबे रहे। महंत योगी कौशलनाथ के सानिध्य में सुबह से ही बाबा का फूल बंगला सजाया गया।
इसके बाद चोला चढ़ाकर श्रंगार किया गया। रात लगभग साढ़े नौ बजे से प्रसिद्ध भजन गाय चित्र विचित्र ने भजन संध्या शुरू की। शुभारंभ एमएलसी ठा. जयवीर सिंह ने किया। इस दौरान चित्र विचित्र द्वारा गाए गए भजन काली कमली वाला तेरा यार है.., मेरी बिनती यही है राधा रानी कृपा बरसाए रखना, मुझे वृंदावन धाम बसा ले रसिया, मैं हूं नहीं तेरे प्यार के काबिल.. आदि सुनकर भक्त मंत्रमुग्ध हो गए।
देर रात तक सैकड़ों श्रद्धालु झूमते रहे। महिलाओं ने नृत्य भी किया। मंदिर की तरफ से श्रद्धालुओं को प्रसाद बांटा गया। आतिशबाजी के साथ हनुमान जन्मोत्सव कार्यक्रम को विश्राम दिया गया। इस मौके पर विनोद महाराज, तुषार माथुर, अमित वशिष्ठ, अमलेश अग्रवाल, गोपाल बाबू, जीतेंद्र बजाज, वैभव सागर, सिद्धार्थ, तुलसी, टीना, प्रिया आदि मौजूद रहे।