न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
केंद्र सरकार की अधिकृत सरकारी प्रेस के बंद होने के बाद वहां से निकाले गए कर्मचारियों ने एक बार फिर से हुंकार भरी है। मंगलवार को 50 के करीब कर्मचारी डीएम आवास के सामने धरना देने पहुंचे कर्मचारियों ने मांग की कि आगामी दिनों में चुनावी रैली करने आ रहे पीएम मोदी के समक्ष अपनी बात रखेंगे।
अगर, हमारी मांगों को नहीं माना गया तो मतदान का बहिष्कार करने को बाध्य होंगे। कर्मचारी नीरज सिंह के अनुसार 53 सहायक बाइंडर और सहायक मशीन मैन 2018 जनवरी में सरकारी प्रेस से निकाले गए थे। निकाले जाने के पीछे भर्ती नियम विरुद्ध होने का तर्क दिया गया।
अगर, ऐसा था तो सरकार को दस साल नौकरी कराने के बाद क्यों यह बात याद आई। नीरज के अनुसार वर्तमान में सभी निकाले गए कर्मचारियों के परिवार बदहाली में जी रहे हैं। एक कर्मचारी की सदमे से मौत हो चुकी है।
वहीं, दूसरे ने हताश होकर आत्महत्या कर ली। अगर, पीएम ने हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो मतदान का बहिष्कार करने को बाध्य होंगे।