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अलीगढ़... एएमयू बवाल के लिए भाजपा से जुड़े छात्र नेता जिम्मेदार

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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पाकिस्तान के जनक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर एएमयू में शुरू विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। अब इस पूरे प्रकरण को नया रंग देने का प्रयास किया जा रहा है। एएमयू छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष नदीम अंसारी ने इस पूरे विवाद के लिए छात्र नेता डॉ. निशित शर्मा, ठाकुर अजय सिंह एवं विक्रांत जौहरी को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके निलंबन की मांग कर खलबली मचा दी है।

वहीं डॉ. निशित शर्मा ने मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर को पत्र लिखकर धर्म विशेष के छात्रों को परेशान कर भयभीत करने की शिकायत की है। भाजपा नेता एवं भारत सरकार के राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शिक्षा निगरानी समिति के सदस्य डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह ने इस संबंध में जिलाधिकारी एवं एसपी सिटी से बात की है।
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1920 से लेकर अब तक इतिहास में पहली बार एएमयू पर भगवा गुंडों ने चढ़ाई करके हमला किया। पुलिस ने इन गुंडों का बखूबी साथ निभाया और छात्रों पर लाठीचार्ज किया। यह सब एएमयू के लॉ छात्र अजय सिंह (भाजपा विधायक दलवीर सिंह के पौत्र), कामर्स के विक्रांत जौहरी एवं बीडीएस के इंटर्न डॉ. निशित शर्मा की वजह से हुआ है। इस पूरी प्लानिंग में भाजपा सांसद सतीश गौतम एवं अन्य बीजेपी नेता शामिल थे। अजय, विक्रांत एवं डॉ. निशित को फौरन यूनिवर्सिटी से बाहर किया जाए। - नदीम अंसारी, पूर्व उपाध्यक्ष एएमयू छात्र संघ (इसे फेसबुक पर पोस्ट किया है)

एएमयू में मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर जो विवाद उत्पन्न हुआ, वह एक गंभीर रूप ले चुका है। इसके कारण भय की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। एएमयू छात्र संघ के पदाधिकारियों द्वारा अफवाह फैलाई जा रही है कि एक खास धर्म के छात्रों का षड्यंत्र है। एक धर्म विशेष के छात्र परिसर के अंदर भयभीत हैं। आईडी कार्ड देखकर अभद्रता की घटना सामने आई है। धर्म विशेष के छात्र कमरे खाली कर घर जा चुके हैं। अभी परीक्षा का समय है। - डॉ. निशित शर्मा, इंटर्न डेंटल कॉलेज, एएमयू
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कैंपस में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसका कोई औचित्य नहीं है। जिन्ना की तस्वीर उतारने का मुद्दा उठा था। पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी पर हमले का प्रयास दिखाकर पूरे प्रकरण को सांप्रदायिक रूप दिया जा रहा है। एक धर्म विशेष के छात्रों को डराने-धमकाने का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है। - डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह, सदस्य राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शिक्षा निगरानी समिति
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