एएमयू में विदेशी छात्रों के लिए 500 बेड का हास्टल बनेगा
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
एएमयू के कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने शनिवार को यूनिवर्सिटी के गेस्ट हाउस में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि जेएन मेडिकल कॉलेज के विभिन्न विभागों में विकास कार्यों के लिए 23 करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी मिल गई है।
प्रो. मंसूर ने इस बात की भी पुष्टि की कि यूनिवर्सिटी में नर्सिंग कॉलेज और इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी के निर्माण के लिए भी भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।
कुलपति ने कहा कि यूनिवर्सिटी परिसर में शोध छात्रों के लिए एक 15 सौ बेड और विदेशी छात्रों के लिए 5 सौ बेड वाले नए हास्टल के निर्माण की आवश्यकता है, जिनके लिए भी भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा जा चुका है।
उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन विभिन्न विभागों में नए पाठ्यक्रमों को शामिल करने के लिए कार्य में जुटा है। कुलपति ने कहा कि जहां मुख्य पाठ्यक्रमों का शिक्षण जरूरी है, वहीं जीएसटी और पर्यावरण विज्ञान जैसी नई विकास योजनाओं को ध्यान में रखते हुए नए पाठ्यक्रमों को शामिल करना समय की जरूरत है।
प्रो. मंसूर ने कहा कि नियमित शिक्षण एएमयू की संस्कृति का विशेष भाग है और यूनिवर्सिटी इसको अनुशासन के साथ आगे बढ़ाने के लिए सदैव समर्पित है। उन्होंने कहा कि एएमयू अपने छात्रों को अच्छा इंसान और अच्छा नागरिक बनाना चाहती है, ताकि वो देश की सेवा कर एएमयू के नाम का गौरवान्वित कर सकें।
प्रो. मंसूर ने कहा कि हमें समाचार पत्र को पढ़ने की आदत डालनी चाहिए, ताकि हमारे व्यक्तित्व का निरंतर रूप से विकास हो सके। बिल क्लिंटन की आत्मकथा का संदर्भ देते हुए प्रो. मंसूर ने कहा कि जिस समय क्लिंटन व्हाइट हाउस में इंटर्नशिप कर रहे थे, तब उनसे अमरीका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा था कि वो रोजाना पांच समाचार पत्रों का अध्ययन करें, ताकि वह अपने व्यक्तित्व को पहचान सकें।