साप्ताहिक बंदी का अनुपालन न करने के मामले में चेतावनी के बावजूद रवैये में सुधार न करने का खामियाजा दुकानदारों को भुगतना पड़ा। सिटी मजिस्ट्रेट की अगुवाई में श्रम विभाग की टीम ने थाना देहलीगेट, कोतवाली एवं रेलवे रोड क्षेत्र के शहर के घनी आबादी वाले इलाके रेलवे रोड, अब्दुल करीम चौराहा एवं फूल चौराहा क्षेत्र में मंगलवार को अभियान चलाया। अभियान के दौरान 74 दुकानदारों के चालान काटे गए।
साप्ताहिक बंदी के उल्लंघन की समस्या महानगर में आम है। व्यापार मंडल भी उद्योग बंधुओं की बैठक में इस समस्या को कई बार उठा चुका है। महानगर में शाहजमाल, दोदपुर, ऊपरकोट, शमशाद मार्केट एवं तस्वीर महल में शुक्रवार को साप्ताहिक बंदी रहती है।
महानगर के अन्य इलाकों में मंगलवार को साप्ताहिक बंदी रहती है, लेकिन श्रम विभाग की ढिलाई के चलते साप्ताहिक बंदी का अनुपालन नहीं हो पा रहा था। इससे निपटने के लिए डीएम ने अभियान चलाकर पहले चेतावनी जारी करने तथा उसके बाद जुर्माने की कार्रवाई के आदेश दिये थे। इसके अनुपालन में सिटी मजिस्ट्रेट की अगुवाई में श्रम विभाग की प्रवर्तन टीम ने मंगलवार को शहर के घनी आबादी वाले इलाके रेलवे रोड, अब्दुल करीम चौराहा एवं फूल चौराहा समेत अन्य इलाकों के बाजारों में चेकिंग की।
इस दौरान तमाम दुकानें बंद कराई गई तो शाप एंड कामर्शियल एस्टेबलिशमेंट एक्ट की धारा के तहत 74 दुकानदारों के चालान काट दिये गए। सिटी मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा ने दुकानदारों से साप्ताहिक बंदी आदेशों का अनुपालन करने अथवा कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा है।
छापेमारी के विरोध में व्यापारियों की गोलबंदी
अलीगढ़। महावीरगंज में देशी घी विक्रेता मक्खनलाल नन्नूमल के यहां एफडीए की छापेमारी के विरोध में अलीगढ़ उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल भी उतर आया है। इंदिरा मार्केट स्थित कार्यालय में महानगर अध्यक्ष ज्ञानचंद्र वार्ष्णेय ने कहा कि जिस तरह एफडीए अधिकारियों ने मंगलवार को छापेमारी की, उससे व्यापारी क्षुब्ध है। जिस अधिकारी की छवि व्यापारियों की नजर में धूमिल है, वहीं छापेमारी करने आ गए।
मक्खनलाल नन्नूमल देशी घी वालों की दुकान 100 वर्ष पुरानी है और वह काफी नामी और शाख रखने वाले विक्रेता है। एफडीआई की गलत तरीके से की गई कार्रवाई से शाख प्रभावित होता है। मक्खनाल नन्नूमल देशी घी के स्वामी एवं पूर्व चेयरमैन ओपी अग्रवाल ने कहा कि उनके यहां पहले दो बार नमूना लिया गया था, जो सभी मानकों पर खड़ी उतरी है। उसके बावजूद मेरे कारोबार को ठप कराने और वसूली की मंशा से एफडीए के अधिकारियों द्वारा छापेमार कार्रवाई की गई।
राजकुमार गुप्ता ने कहा कि ऐसे अधिकारियों की जांच एंटी करप्शन टीम द्वारा होनी चाहिए ताकि उनकी सच्चाई सामने आ सके। ओपी मास्टर, भूपेंद्र वार्ष्णेय ज्ञान स्वरूप किराना वाले, शिव स्वरूप, रामदास यादव, धीरज शर्मा, नील कमल, सरदार ढाल सिंह आदि मौजूद थे।