न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
स्मार्ट सिटी की ओर बढ़ रहे शहर के रैन बसेरे में ठहरने वाले एक युवक की सोमवार की रात को ठंड से मौत हो गई। इससे रैन बसेरों में इंतजामों को लेकर सवाल उठ गए हैं। हालांकि नगर निगम की ओर से बेहतर इंतजाम का दावा किया गया है। मृतक का केवल नाम ही पता लगा है इसलिए शिनाख्त कराने के लिए पुलिस ने शव पोस्टमार्टम हाउस में अगले 72 घंटों के लिए रखवा दिया है।
कठपुला पर नौरंगी लाल राजकीय इंटर कालेज के सामने नगर निगम का अस्थायी रैन बसेरा बना हुआ है। समान्यत: यहां ठहरने वाले लोग सुबह होने के बाद रैन बसेरा छोड़कर चले जाते हैं। लेकिन मंगलवार की देर सुबह तक एक व्यक्ति वहां पड़ा ही रहा। रैन बसेरे पर मौजूद कर्मी ने जब हिलाकर देखा तो उसे मृत पाया। सूचना पुलिस को दी गई। मृतक के पास से मिले कुछ कागज आदि से पता चला कि उसका नाम दीपक शर्मा (28) पुत्र जगदीश शर्मा कठपुला के पास रहना पाया गया। उसके घर परिवार के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम पर रखवा दिया है।
इस बारे में नगर निगम के मीडिया प्रभारी और वरिष्ठ कर अधीक्षक सभापति यादव ने बताया कि कि मंगलवार की शाम को 5.20 दीपक की रैन बसेरे के रजिस्टर में एंट्री दर्ज की गई। इसके बाद वह सो गया। सुबह नौ बजे शेल्टर होम के सुरक्षा गार्ड द्वारा उसे जगाया गया तो वह नहीं जागा। सूचना थाना सिविल लाइन को और अन्य अधिकारियों को दी गई। रैन बसेरे में सुविधाएं उपलब्ध हैं। मृत्यु के कारणों की सही जानकारी पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
यह है रैन बसेरे में
यहां पंलग, गद्दा, चादर, तकिया, दो कंबल, पेयजल, गैस हीटर के साथ नि:शुल्क भोजन भी मिलता है। प्रत्येक रैन बसेरे पर एक प्रभारी नियुक्त किया गया है। वह यहां रुकने वाले व्यक्तियों की देखरेख करता है। रैन बसेरों के बाहर देर शाम सात बजे से रात के 12 बजे तक अलाव भी जलाया जाता है।