क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय के न्यायाधीश राजेश नारायण मणि त्रिपाठी के न्यायालय ने बधिर युवती से दुष्कर्म के मामले में दो आरोपियों को 10-10 साल की सजा तथा 30-30 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि आरोपियों से वसूली जाने वाली राशि में से 20 हजार रुपये पीड़ित पक्ष को दिए जाएं।
अभियोजन पक्ष से अधिवक्ता एसीजीसी जीतू वार्ष्णेय ने बताया कि 17 जनवरी 2012 को एक महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 16 जनवरी को उसकी विवाहित बड़ी बेटी जो कि बोल नहीं पाती है छोटी बेटी के साथ कूड़ा डालने के लिए गई थी।
इसी दौरान नामजद नागेंद्र व नेहना ने उसकी गूंगी बेटी को पकड़ लिया और बुर्जी में ले जाकर दुष्कर्म किया। छोटी बेटी ने शोर मचाया तो आरोपी भाग गए। कोर्ट ने इस मामले में दोनों आरोपियों को 10-10 साल की सजा तथा 30-30 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है।