न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
बाजार में इन दिनों अफवाह फैली हुई है कि 15 लाइनों वाला दस रुपये का सिक्का एवं छोटे आकार का एक रुपये का सिक्का वेलेड नहीं है। उसे न तो कोई दुकानदार लेता है और बैंक भी आसानी से इन सिक्कों को स्वीकार नहीं करती। इसको लेकर रोजाना ग्राहक एवं दुकानदारों में वाद विवाद की स्थिति बनी रहती है। इस समस्या को लेकर श्री वार्ष्णेय कालेज के छात्र डीएम से मिले।
छात्रों ने इन सिक्कों को स्वीकार न करने के चलते आ रही समस्याओं की जानकारी डीएम को देते हुए कहा कि इस अफवाह के चलते पूर्व में ही रिजर्व बैंक आफ इंडिया ने लोगों को सूचित कर दिया था।
परंतु अभी भी लोगों की मानसिकता नहीं बदली है। रिजर्व बैंक द्वारा जारी सही सिक्कों को लेने से मना करने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 489 ए में 489ईं विधिक न्यायालय द्वारा आर्थिक दंड कारावास या दोनों सजा दी जा सकती है बावजूद इसके लोग जागरूक नहीं हो पा रहे हैं।
उन्होंने डीएम से इस अपराध को रोकने के लिए लोगों की मानसिकता को बदलने एवं लोगों को जागरूक करने के लिए प्रेस वार्ता कर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। डीएम ने जल्द ही इस मामले में कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
डीएम से मिलने वाले छात्रों में विशाल देशभक्त, दीपक सैनी, रिचा शर्मा, चिंकी वार्ष्णेय, शुभ वार्ष्णेय, मयंक, राहुल शर्मा, जितेंद्र, उजमा खान, गोपाल, युग पंडित, वीरपाल, हनी वार्ष्णेय आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।