न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
वेतन उच्चीकरण समेत आठ सूत्री मांगों को लेकर लेखपालों के कार्य बहिष्कार आंदोलन ने तहसीलों की चाल बिगाड़ दी है। यहां आय, जाति, मूल निवास, पेंशन योजनाओं के सत्यापन से लेकर जमीनों की पैमाइश तक के ढेरों आवेदन लंबित हो गए हैं। इससे तहसीलों का कामकाज लगभग ठप हो गया है।
इस सबके बीच लेखपालों का कार्य बहिष्कार एवं तहसील मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन गुरुवार को भी जारी रहा। लेखपाल संघ के नेताओं ने एलान किया कि एस्मा की कार्रवाई से लेखपाल विचलित नहीं हैं और अपना हक मिलने तक आंदोलन जारी रखेंगे।
तीन जुलाई मंगलवार से कार्य बहिष्कार करते हुए तहसील मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन शुरू करने वाले लेखपाल गुरुवार को भी आंदोलित रहे। लेखपालों ने जिले की पांचों तहसील मुख्यालयों पर सुबह दस से चार बजे तक धरना-प्रदर्शन कर सरकार पर दमनकारी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनरतले चल रहे आंदोलन के दौरान सरकार द्वारा की गई एस्मा की कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की गई। तहसील कोल पर आयोजित धरने में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ तहसील कोल के अध्यक्ष विनोद शर्मा ने कहा कि हमारी मांगें जायज हैं और हम आंदोलन तब तक जारी रखेंगे जब तक हमारी न्यायोचित मांगों पर सरकार कोई निर्णय नहीं ले लेती है। इस मौके बड़ी संख्या में लेखपाल मौजूद थे।