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वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच 68 जोड़े दांपत्य बंधन में बंधे

Tue, 13 Mar 2018 02:16 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला अलीगढ़
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सामूहिक विवाह समारोह में एक दूसरे को वरमाला पहनाते जोड़े। - फोटो : अमर उजाला
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आईर्टीआई प्रांगण में सलीके से सजा बड़ा पंडाल। पंडाल में ठीक सामने बड़ा मंच। बांयी ओर मेहमान बने बराती तो दांयी ओर ब्लाक वार बेटियों संग बैठे घराती। इसी तरफ सामूहिक विवाह के लिए हवन कुंड सजाए गए थे। पंक्तियाें में बैठे दूल्हा दुल्हन मंत्रोच्चारण के बीच सात फेरों की रस्में निभा रहे थे। माइक पर आचार्य मंत्र पढ़ रहे थे। मौका था मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह का। पंडाल में कूलर और पंखों की ठंडी हवा के बीच चाय और काफी की चुस्कियां चल रहीं थीं। बारातियाें की तरफ ही खाने की व्यवस्था हुई थी। बाहर पान का स्टाल था। पंडाल के सामने स्थित सेवायोजन कार्यालय में दूल्हा दुल्हन के तैयार होने की व्यवस्था की गई थी। यहां दोनाें ओर छोटी कनाते लगा कर उनके मेहमानों को भी ठहराने का इंतजाम किया गया था। सभी के चेहरे पर विवाह की खुशियां थीं। जोड़ों के साथ आए उनके परिजन भी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में लगे रहे। सुबह 10 बजे से शुरू हुआ विवाह समारोह दोपहर साढ़े तीन बजे तक हर्षोल्लास के साथ चला। 
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इस मौके पर सांसद सतीश गौतम ने नव दंपतियों को आशीर्वाद व बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत निर्धन कन्याओं का एक साथ सामूहिक विवाह होने से समाज में बहुत अच्छा संदेश जा रहा है। इससे दहेज प्रथा पर लगाम लगेगी। अमीरी और गरीबी की खाई पटेगी। उन्होंने नव दंपतियों को 12 हजार रुपये का चेक देते हुए कहा कि शीघ्र से शीघ्र नववधुओं के लिए शौचालय का निर्माण कराएं। जिलाधिकारी हृषिकेश भास्कर याशोद ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में हिंदू एवं मुस्लिम रीति रिवाज के अनुसार कुल 68 शादियां संपन्न हुईं। जिसमें इगलास के विजहरा ग्राम के अल्पसंख्यक समुदाय की पुत्री आसमां का निकाह असलम के साथ किया गया। शेष विवाह हिंदू रीति रिवाज से हुए। 

उन्होंने बताया कि नव दंपति के जीवन की खुशहाली एवं गृहस्थी की स्थापना के लिए 20 हजार रुपये की धनराशि कन्या के खाते में डाली जाएगी। कार्यक्रम के प्रभारी अधिकारी मुख्य विकास अधिकारी दिनेश चंद्र ने बताया कि नवदंपति को उपहार के साथ पंचायतीराज विभाग द्वारा शौचालय निर्माण के लिए प्रत्येक जोड़े को 12 हजार रुपये का चेक भी प्रदान किया गया है। यहां पर महापौर मो. फु रकान, महंत कौशलनाथ, जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू, एसएसपी राजेश कुमार पांडेय, सभी एडीएम, नगर पालिका अध्यक्ष खैर संजीव अग्रवाल, ब्लॉक प्रमुख दिवाकर गौड़, आरपी सिंह, केहर सिंह, उपनिदेशक अल्पसंख्यक कल्याण अमृता सिंह, समाज कल्याण अधिकारी नगेंद्र पाल सिंह आदि ने भी नव दंपतियों को आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजसेवी, जनप्रतिनिधि एवं नवदंपति के परिजन उपस्थित रहे। 
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पायल और बिछिया में आधी ही चांदी 
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत सोमवार को आईटीआई परिसर में 68 जोड़े दांपत्य बंधन में बंधे। औरैया जनपद में चांदी की जगह लोहे की पायल और बिछिया दिए जाने के खुलासे के बाद स्थानीय प्रशासन ने इसमें खास सतर्कता बरती। यहां पर गुप्ता संस सराफा बाजार रफात गंज से चांदी की पायल और बिछिया खरीदी गई। हरेक दुल्हन को एक पायल और दो जोड़ी बिछिया दिए गए, जिसका कुल वजन तकरीबन 40 ग्राम है। 
गुप्ता संस के आशू गुप्ता ने बताया कि पायल 60 से 65 टंच चांदी और बिछिया 50 से 55 टंच चांदी से बने हैं। टंच का अर्थ 100 ग्राम में शुद्ध चांदी की मात्रा है। यानी पायल और बिछिया में लगभग आधी चांदी है बाकी अन्य धातु। ये आर्डर 340 रुपये प्रति दस ग्राम चांदी के रेट पर पूरा किया गया है, जबकि चांदी का रेट 12 मार्च को लगभग 400 रुपये प्रति दस ग्राम है। हरेक दुल्हन को दी गई पायल और बिछिया की कीमत लगभग 1370 रुपये है। आशू ने बताया कि इसका भुगतान जीएसटी जोड़ कर आरटीजीएस के माध्यम से उन्हें दिया जाएगा। 
सामूहिक विवाह में 68 दुल्हनों को पायल बिछिया दी गई है। जिसकी कुल कीमत लगभग 93 हजार 160 रुपये बैठती है।
विवाह में हरेक जोड़े को पांच बर्तन, दुल्हन को चांदी की पायल एवं दो जोड़ी बिछिया, एक कंबल, दो तकिया, एक बक्सा, लड़की को साड़ी, लड़के के कपड़े, 51 बर्तनों का डिनर सेट, प्रेशर कुकर सेट, एक लेमन सैट, एक रिलायंस जियो का फोन, जिसकी कीमत लगभग 1500 रुपये है। सीडीओ दिनेश चंद्र ने बताया कि कुल सामान की कीमत लगभग दस हजार रुपये है। जिसमें कुछ कमी पड़ने पर अधिकारियों ने अपने स्तर से भी खर्च किया है।

सामूहिक विवाह से बैरंग लौटे युगल की शादी पंचनगरी वेलफेयर सोसायटी ने कराई 
सामूहिक विवाह योजना में सोमवार को एक युगल को वापस लौटने को मजबूर होना पड़ा। बाद में इनके विवाह के लिए पंचनगरी वेलफेयर सोसायटी आगे आई और विवाह संपन्न कराया। सासनी गेट पर वार्ड संख्या 31 से नगर निगम पार्षद संजय शर्मा ने बताया कि उनके क्षेत्र के साकेत विहार में प्रशासन की टीम आई थी और 16 आवेदन किए गए। पात्रों को आईटीआई स्थित सामूहिक विवाह स्थल पर आमंत्रित किया गया। सोमवार को जब एक युगल परिजनों के साथ विवाह स्थल पर पहुंचा तो इनसे कहा गया कि इनका आवेदन मंजूर नहीं हुआ है। जबकि यह युगल अपने परिचित और रिश्तेदारों को भी आमंत्रित कर चुका था। युगल की शादी के  लिए पंच नगरी वेलफेयर सोसायटी आगे आई और इनका विवाह कराया गया। 

गायत्री परिवार के 68 आचार्यों ने पढ़े मंत्र 
सामूहिक विवाह को संपन्न कराने में गायत्री परिवार के आचार्यों की अहम भूमिका रही। उन्होंने आचार्य बृजेश शास्त्री, महंत कौशलनाथ के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य विवाह सम्पन्न कराए। 
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