सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ ने कहा कि मोदी सरकार कानूनों को पलटने में लगी है। पैसे के बल पर चुनाव जीतकर भाजपा ने लोकतंत्र का अपमान किया है। उन्होंने भीम आर्मी के अध्यक्ष चंद्रशेखर रावण की जेल से रिहाई की मांग भी की। वह सोमवार को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) छात्रसंघ की ओर से कैनेडी हॉल में आयोजित वूमेन अचीवर मीट में बतौर मुख्य वक्ता अपने विचार व्यक्त कर रहीं थीं।
उन्होंने कहा कि अब मुस्लिम, दलित व आदिवासी के मुद्दे को लेकर लड़ाई लड़नी होगी। इस समाज के एक हजार से ज्यादा लोग जेलों में आतंकी संगठनों से कनेक्शन के आरोपों में बंद हैं। तीस्ता ने यूपीए सरकार की मनरेगा, आरटीआई सहित कई योजनाओं की तारीफ की, लेकिन उन योजनाओं की सूरत मोदी सरकार बदलने में लगी है। कासगंज मंे मुस्लिमों की प्रापर्टी पर हमले हुए हैं। मुजफ्फरनगर के दंगे को भला कौन भूल सकता है? भीम आर्मी शिक्षण क्षेत्र में कार्य कर रही है, लेकिन आंदोलन के चलते इसके अध्यक्ष चंद्रशेखर रावण पर रासुका लगाकर जेल भेज दिया गया। इसलिए उनकी रिहाई के लिए मांग उठनी चाहिए। बाद में तीस्ता को छात्र संघ की आजीवन सदस्यता प्रदान की गई।
अतिथियों को स्वागत छात्रसंघ अध्यक्ष मशकूर अहमद उस्मानी, उपाध्यक्ष सज्जाद सुभान राथर, सचिव मोहम्मद फहद, कार्र्यक्रम कन्वीनर समरीन फरहा ने किया। कांग्रेस नेत्री रूही जुबैरी ने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर कांग्रेस नेत्री व उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की बेटी अनुपमा रावत, दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) की पूर्व अध्यक्ष नीतू वर्मा मौजूद रहीं।
भाजपा बोलती है झूठ : सुष्मिता
महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद सुष्मिता देव ने कहा कि ट्रिपल तलाक के मसले पर जो बयानबाजी भाजपा नेता कर रहे हैं, वह झूठ है। जब राज्यसभा यह बिल पहुंचा, तो वहां पास नहीं हो पाया। इसको लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर दोष मढ़ दिया, जबकि इस बिल का विरोध तृणमूल कांग्रेस, सपा आदि ने किया था। कांग्रेस ने बिल को लेकर कुछ सवाल किए, लेकिन उसका जवाब सरकार नहीं दे सकी। लोकसभा में 33 फीसदी महिलाओं का आरक्षण 2010 में यूपीए सरकार ने पास किया था, जिसका हर पार्टी ने विरोध किया था। उन्होंने कहा कि मैटरनिटी बेनेफिट एक्ट लागू होने से प्राइवेट सेक्टर में महिलाओं की कमी आई है, क्योंकि उन्हें प्रसव के बाद 26 सप्ताह का वेतन सहित अवकाश देना होगा। सरकार को इसमें अनुदान देना चाहिए।
पुरुषों को सोच बदलने की जरूरत : रक्शंदा
लेखिका रक्शंदा जलील ने कहा कि भले ही विदेश से टेक्नोलॉजी आई, लेकिन उसे कैसे इस्तेमाल करना है यह खुद को तय करना है, विदेश को नहीं। इसलिए सोच को बदलने की जरूरत है। जो पुरुष अपनी सोच पर लंबे समय से ताला लगाए बैठे हैं, उन्हें खोलने की जरूरत है। सर सैयद ने पहले लड़कों को तालीम दी, ताकि वह पढ़-लिख लेंगे, तो लड़कियां तालीम हासिल कर लेंगी।
महिला आरक्षण विधेयक क्यों नहीं ला रहे मोदी : शबनम
सामाजिक कार्यकर्ता शबनम हाशमी ने कहा कि ट्रिपल तलाक पर मोदी सरकार बिल ले आई, लेकिन महिला आरक्षण विधेयक क्यों नहीं ला रही है। ट्रिपल तलाक पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई है, इसमें किसी मसीहा का हाथ नहीं है। संविधान पर लगातार हमले हो रहे हैं। हिंदू महिलाओं को दस बच्चे ने पैदा करने के बयान पर उन्होंने आपत्ति जताई। अलीगढ़ व हरियाणा में भवानी सेना व हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं को लुंगी पहनकर हथियारों की ट्रेनिंग करनी चाहिए। आरएसएस के नेकर व टोपी विदेश से आ सकती है, लेकिन अच्छे आइडियाज से उनको परहेज है।
इनको आना था पर नहीं आए
पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी की पत्नी सलमा अंसारी, अलीगढ़ पब्लिक स्कूल की ओएसडी डॉ. जकिया अथर सिद्दीकी, वैज्ञानिक खुशबू मिर्जा, कुलपति प्रो. तारिक मंसूर की पत्नी डॉ. हमीदा तारिक वूमेन अचीवर मीट में नहीं आईं, जबकि उनके नाम फ्लैक्स और अखबारों में छपे थे।