क्षय रोगियों (टीबी) की पहचान के लिए चल रहे एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान में चार दिन में 68 नए मरीज मिले हैं। अभी तक 3.85 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की गई है।
नौ मार्च से एक्टिव केस फाइंडिंग (एसीएफ) अभियान के अंतर्गत 385944 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इसमें से 792 में टीबी के लक्षण पाए गए, जिनकी जांच में 68 नए रोगी सामने आए हैं। यह अभियान 22 मार्च तक चलना है। 8.40 लाख लक्षण वाले लोगों की स्क्रीनिंग कर टीबी रोगियों को चिन्हित करना है।
जिला समन्वयक सतेंद्र कुमार ने बताया कि चार दिन में 3.85 लाख लोगों की स्क्रीनिंग में 68 मरीज सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि जनवरी से 11 मार्च 2022 तक 2364 मरीज चिन्हित किए जा चुके हैं, जिनका उपचार चल रहा है। उन्होंने बताया कि दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, बुखार रहता हो और शाम में बुखार बढ़ जाता है तो जांच करानी चाहिए। सीने में दर्द, खांसी के साथ खून आना, भूख न लगना और वजन घटना टीबी के लक्षण हैं। उन्होंने कहा कि टीबी रोगियों की जांच से लेकर उपचार तक की सुविधा सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाती है।