खैर तहसील क्षेत्र के तीन गांवों में मंगलवार को करीब 66 बीघा खेतों में पड़े गेहूं के लांक और भूसे में आग लगने से किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। तहसील परिसर के सामने स्थित गांव लोहागढ़ में हरेंद्र शर्मा के खेत में लगभग दो बीघा के गेहूं का लांक एक जगह रखा था। अज्ञात कारणों से उसमें आग लग गई। सूचना पर पहुंची दमकल टीम ने आग को फैलने से रोक लिया।
वहीं दूसरी घटना गांव सुजानपुर में हुई, जहां नहर किनारे तीन ढेरों में पड़े 50 बीघा खेत के भूसा में आग लग गई। किसान पतीराम निवासी सुजानपुर ने बताया कि बिक्री के लिए पड़े भूसे की कीमत करीब एक लाख रुपये से अधिक थी। सूचना पर फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले ही किसानों ने इलेक्ट्रिक स्प्रे मशीनों की मदद से आग पर काफी काबू पाने का प्रयास किया। इसके बाद फायर ब्रिगेड ने पानी की बौछार कर आग को आगे बढ़ने से रोक दिया।
तीसरी घटना गांव उदयगढ़ी में हुई, जहां खेतों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन में स्पार्किंग से किसान हरि सिंह और सुरेश चंद के 14 बीघा खेत में खड़े गेहूं की फसल में आग लग गई। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। सूचना पर अलीगढ़ से फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। पीड़ित किसानों ने उपजिलाधिकारी को पत्र देकर मुआवजे की मांग करने की है।