दो दिन पूर्व अलीगढ़ से फरीदबाद जाते समय रोडवेज की बुद्धविहार डिपो की बस में 62 यात्रियों के बिना टिकट पकड़े जाने के मामले में बस के चालक-परिचालक 18 मार्च को कैमरे के सामने आए। उन्होंने रोडवेज के अफसरों पर बिना टिकट सफर कराने के बदले हर महीने अवैध वसूली करने का आरोप लगाया है।
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आरोप है कि आरएम को 25 हजार, एआरएम को 10-10 हजार, टीआई व टीएस को पांच-पांच हजार रुपये देते थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि कौशांबी से आने वाली बसों का संचालन भी अफसरों की मिलीभगत से बिना रोकटोक हो रहा है। इतना ही नहीं बस स्टैंड से ईको कार चालक सीधे सवारियां लेकर फरीदाबाद, बल्लभगढ़, गुरुग्राम आदि रूट पर सवारियां लेकर चले जाते हैं।
रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक सत्येंद्र कुमार वर्मा का कहना है कि चालक- परिचालक बिना टिकट मामले में पकड़े गए हैं। पूर्व में संविदा से हटाए गए कर्मियों के बहकावे में आकर इस तरह के झूठे बयान दे रहे हैं। अगर वाकई मिलीभगत थी तो चालक-परिचालक ने माैके पर ही टीम को सही जानकारी क्यों नहीं दी। उन्होंने बताया कि अब अलीगढ़-फरीदाबाद मार्ग पर चलने वाली सभी बसों पर स्थायी परिचालकों की तैनाती की जाएगी। खासकर महिला परिचालकों को ड्यूटी पर लगाया जाएगा, ताकि गड़बड़ी रोकी जा सके।