न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अपनी रुचि के अनुसार ही कैरियर को तलाशना चाहिए। अक्सर यह भी होता है कि स्वयं निर्णय लेना कठिन होता है या गलत निर्णय ले लिया जाता है। इसलिए खुलकर अपने शिक्षकों, पढ़े लिखे व्यक्तियों से कैरियर की तलाश के लिए सुझाव भी ले लेने चाहिए। इससे आपके कैरियर की नई दिशा मिल सकती है।
यह सुझाव दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित परीक्षा पे चर्चा 2.0 कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एएमयू के मो. सलीम के प्रश्नों का उत्तर देते हुए दिए।
परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कई जिलों के बच्चों ने महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे। इस दौरान अलीगढ़ से अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के बीए एलएलबी में पढ़ने वाले मोहम्मद सलीम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछा कि अक्सर कक्षा 12वीं पास करने के बाद छात्रों के मन में सवाल उठता है कि कैरियर का चुनाव कैसे किया जाए। उसी प्रकार दसवीं कक्षा पास करने के बाद छात्रों के मन में प्रश्न उठता है कि कौन से क्षेत्र का चुनाव करना चाहिए। अभिभावक अधिकतर बच्चों को गणित तथा विज्ञान विभाग में आगे पढ़ने के लिए बाध्य कते हैं।
इस विषय पर हमारा मार्गदर्शन करिए। इस पर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आपकी चिंता बहुत स्वाभाविक है। बच्चों को सही मार्गदर्शन नहीं मिलता है। लोग अपने अपने-अपने अनुभवों को साझा करते रहते हैं। कई सुझावों से हम भ्रमित हो जाते हैं। सबसे पहले यह जानिये कि आपकी रुचि किस विषय में है।
आपकी रुचि के अनुसार इससे पहले आप कुछ कर पाए हैं क्या। अगर कर पाए हैं तो आप अपने अभिभावकों को अपनी रुचि के प्रति राजी कर सकते हो। कह सकते हो कि आठवीं कक्षा में मैंने यह पुरस्कार जीता था। नौवीं कक्षा में आयोजित इस प्रतियोगिता में मैं अव्वल आया था। इससे आपके अभिभावक समझ जाएंगे। इसके साथ ही शिक्षकों के साथ बातें करनी चाहिए। पूछना चाहिए कि चार साल से आप मुझे पढ़ा रहे हो तो यह बताइये कि भविष्य में मुझे किस क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए। शिक्षक भी आत्मीयता वाले विद्यार्थी को समय देते हैं।
वह आपको बताएंगे कि कैसे अपने ड्रीम का चुनाव करें। विज्ञान व गणित के अलावा अन्य विषयों में कैरियर नहीं है, यह गलत सोच है। प्रारंभिक काल में जो मोटिवेशन मिलना चाहिए, वह हमारे देश में कम है। इस पर शिक्षकों ने कार्य करना भी शुरू कर दिया है। दबाव में आकर मत सोचो, अपनी क्षमता तथा किसी की मदद के सहारे आपको सही मार्गदर्शन मिल सकेगा।
81 हजार बच्चों ने देखा कार्यक्रम
जिले में परीक्षा पे चर्चा 2.0 कार्यक्रम 81252 बच्चों ने विभिन्न माध्यमों से देखा। 34 राजकीय, 94 अनुदानित व 643 गैर अनुदानित विद्यालयों में यह कार्यक्रम बच्चों को दिखाया गया। जिसके तहत 294 विद्यालयों में टीवी के माध्यम से 34125 बच्चों ने यह कार्यक्रम देखा। 161 विद्यालयों में इंटरनेट के माध्यम से यह कार्यक्रम चलाया गया। जबकि 316 विद्यालयों में रेडियो के माध्यम से बच्चों ने नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित कार्यक्रम को सुना।
नौरंगीलाल जीआईसी में आयोजित कार्यक्रम में संयुक्त शिक्षा निदेशक जितेंद्र कुमार मलिक, प्रधानाचार्य शीलेंद्र कुमार तथा सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी अश्वनी कुमार पांडेय ने बच्चों के साथ यह कार्यक्रम देखा। वहीं हैरीटेज पब्लिक स्कूल में प्रधानाचार्य मो. आसिम रुमी, शिव कुमार गौतम, गवेंद्रपाल सिंह जादौन, गौरव कुमार, अंकुर मित्तल, अम्रता सिंह, किशन स्वरूप शर्मा, अखिलेश, गौरव कुमार, गौरव कुमार शर्मा, गौरव शर्मा ने बच्चों के साथ कार्यक्रम को ध्यानपूर्वक सुना। इसी तरह ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल में चलाए गए कार्यक्रम में बच्चों ने सुझाए गए सुझावों को नोट भी किया।