न्यूज डेस्क, अमर उजाला अलीगढ़।
मंगलवार को सरकारी भूमि पर बने पेट्रोल पंप को ध्वस्त किये जाने के बाद पूर्ति विभाग ने इसकी दोनों मशीनों पर सील लगा दी थी। अब यह पंप नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में चला गया है।
लेकिन पंप के टैंक में अभी भी पेट्रोलियम पदार्थ होने से हादसे की संभावना बनी हुई है। इसके मद्देनजर डीएसओ ने संबंधित कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम को नोटिस जारी कर टैंक खाली करने के निर्देश दिये हैं।
मंगलवार को छर्रा अड्डे के साथ सरकारी भूमि पर बने मैसर्स अलीगढ़ आटो सर्विस सेंटर नाम के पेट्रोल पंप की बिल्डिंग भी ढहा दी गई थी। इसके पश्चात पूर्ति विभाग की टीम ने पंप पर मौजूद दोनों मशीनें सील कर दी।
कार्रवाई के उपरांत नगर निगम ने यहां अपनी संपत्ति का बोर्ड लगाकर हदबंदी कर दी। लेकिन पंप के पेट्रोलियम पदार्थों से भरे टैंक को अब तक खाली नहीं कराया गया है।
ऐसे में जरा सी आग सैकड़ों लोगों के लिए काल बन सकती है। डीएसओ नीरज कुमार सिंह ने स्वीकार किया कि हिंदुस्तान पेट्रोलियम के अफसरों को टैंक खाली कराने के निर्देश जारी किये गए हैं।
48 घंटे में भी नहीं मिले पंप से संबंधित कागजात
सरकारी भूमि में पाए जाने वाले छर्रा अड्डे के समीपवर्ती मैसर्स अलीगढ़ आटो सर्विस सेंटर पेट्रोल पंप 1957 में स्थापित हुआ था। इसके कागजात 48 घंटे बाद भी नहीं खोजे जा सके। बताया जाता है कि उस समय एनओसी की व्यवस्था नहीं थी मात्र कलेक्टर की संस्तुति पर पेट्रोल पंप स्वीकृत हो जाते थे।
पेट्रोल के लिए टैंक आदि बनाने की व्यवस्था भी नहीं थी। कंपनी से ड्रमों के जरिये पेट्रोल व डीजल आता था। उसे कैन आदि में भरकर बेचा जाता था। लेकिन कालांतर में पूर्ति समेत करीब आधा दर्जन से अधिक विभागों की एनओसी की व्यवस्था है।
ऐसी परिस्थितियों में पूर्ति विभाग के सामने इस करीब 60 वर्ष पुराने पेट्रोल पंप से संबंधित कागजात खोजना एक चुनौती ही है। देखना यह है कि विभागीय अफसर व कर्मचारी जीतोड़ मेहनत के बाद इसमें सफल हो पाते हैं नहीं, फिलहाल खोजबीन का दौर जारी है।