क्राइम न्यूज, अमर उजाला अलीगढ़।
एएमयू के सेल्फ फाइनेंस (कक्षा 11वीं) में दाखिला से वंचित इंटरनल छात्र-छात्राओं ने बाब-ए-सैयद के सामने धरने पर बैठकर रास्ते अवरुद्ध कर दिये। छात्रों को समझाने गए प्रॉक्टोरियल टीम के साथ छात्रों की जमकर नोकझोंक हुई। टीम के सदस्यों ने जबरन छात्रों को सड़क से हटाए और उनके वाहनों को किनारे करवाये।
एएमयू प्रशासन द्वारा बुधवार को सेल्फ फाइनेंस से संबंधित सूची जारी की गई। दाखिला से वंचित छात्र-छात्रा उसी दिन से आंदोलित हैं। उनका कहना है कि सेल्फ फाइनेंस में इंटरनल एवं एक्सटर्नल का अनुपात 80 और 20 है।
जबकि इस बार एक्सटर्नल छात्रों को इंटरनल से ज्यादा दाखिला दे दिया गया है। गुरुवार को छात्र बाब-ए-सैयद पर पहुंचे और गेट के सामने धरना पर बैठ गए। प्रॉक्टर के नेतृत्व में टीम के सदस्यों ने सड़क पर धरना दे रहे छात्रों को जबरन हटाया।
चेतावनी दी गई कि बाइक हटा लें अन्यथा नंबर नोट कर सबके खिलाफ थाने में एफआईआर की जाएगी। इससे घबराये छात्रों ने अपनी बाइक जल्दी-जल्दी सड़क से हटाकर किनारे साइड लगा दिये। प्रॉक्टोरियल टीम एवं छात्रों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। छात्रों के समर्थन में पहुंचे छात्र नेताओं को कार्यवाही का भय भी दिखाया गया। उसके बाद छात्र नेता कुछ ढीला पड़े।
बाद में प्रॉक्टोरियल टीम के साथ छात्रों का प्रतिनिधि मंडल कंट्रोलर से मिला। लेकिन बात नहीं बनी। विश्वविद्यालय के अधिकारी किसी भी सूरत में दाखिला देने को तैयार नहीं है। उनका कहना है कि दाखिला देने की स्थिति में पूरे प्रक्रिया को चैलेंज किया जा सकता है। देर शाम में धरना दे रहे छात्रों को जबरन वहां से हटाया गया।
सेल्फ फाइनेंस में इंटरनल-एक्सटर्नल अनुपात 80 और 20 होता है। लेकिन अब तक 270 एक्सटर्नल एवं 133 इंटरनल दाखिला हुए हैं। हम सिर्फ इतना चाहते है कि दाखिला में इंटरनल छात्रों को उनका हक दिया जाए। न्यूनतम अंक 15 से घटाकर 10 किया जाए।
- जैद शेरवानी, निवर्तमान कैबिनेट सदस्य, एएमयू छात्र संघ
न्यूनतम 15 अंक हासिल करने वाले तमाम छात्र-छात्राओं का नाम सूची में है। 15 नंबर से कम पर किसी को दाखिला देना संभव नहीं है। इंटरनल छात्रों द्वारा न्यूनतम 15 अंक हासिल नहीं कर पाने के कारण खाली सीटों पर एक्सटर्नल को दाखिला दिया गया है।
- प्रो. शाफे किदवई, एमआईसी, पीआरओ आफिस एएमयू
स्कूलों के प्रिंसिपल पहुंचे बाब-ए-सैयद
सेल्फ फाइनेंस (11 वीं) में दाखिला नहीं मिलने से आक्रोशित इंटरनल छात्र-छात्राओं को समझाने के लिए एएमयू के तमाम स्कूलों के प्रिंसिपल को बाब-ए-सैयद पर बुलाया गया। सूचना के बाद सबसे पहले सीनियर सेकेंडरी स्कूल गर्ल्स की प्रिंसिपल नगमा इरफान, मिंटो सर्किल के प्रिंसिपल फैसल नफीस, एएमयू गर्ल्स स्कूल की प्रिंसिपल आमना मलिक सहित अन्य स्कूलों के टीचर एवं प्रिंसिपल पहुंच गये। हालांकि छात्रों ने किसी की नहीं सुनी।