न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
एएमयू छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद छात्रों की भीड़ कार्रवाई के विरोध में व हिंदुवादियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए बाब-ए-सैयद पर जमा कर धरने पर बैठ गए। इन छात्रों को समझाने व हटाने के पुलिस प्रशासनिक प्रयास विफल साबित हो रहे थे। इसी बीच मेयर मो.फुरकान वहां पहुंच गए।
उन्होंने बहैयित पूर्व एएमयू छात्रसंघ अध्यक्ष डीएम-एसएसपी से अनुरोध किया कि वह पुलिस बल पीछे हटा लें, छात्रों को मैं मनाता हूं। इस दौरान काफी देर तक अधिकारियों से वार्ता के बाद जब वह छात्रों के बीच पहुंचे, तभी बारिश हो गई और बारिश के चलते छात्रों की भीड़ खुद ब खुद हट गई।
डीएम एसएसपी ने हालांकि उनके वहां आने पर ऐतराज भी जताया। मगर मेयर ने जब एएमयू छात्रसंघ से अपना नाता बताया और यह भी कहा कि एक बार वह शायद समझाएंगे तो छात्र मान जाएंगे। इस पर अधिकारी फोर्स बाब-ए-सैयद से रजिस्ट्रार आफिस के सामने ले गए। मेयर छात्रों के बीच पहुंचे और अपनी बात कहने लगे। छात्र उन्हें घटनाक्रम से अवगत करा रहे थे और वह छात्रों को शांतिपूर्वक प्रदर्शन करें।
इसी बीच बारिश ने अपना असर दिखाया और छात्र वहां से खिसक गए। इसके बाद देर रात तक यूनियन हॉल में जनरल बॉडी की मीटिंग चल रही थी। जिसमें एएमयू छात्र आगे की रणनीति पर विचार कर रहे थे।
विधायकों को हिंदुवादियों ने बताया बंधक बनाने का सच
एएमयू के घटनाक्रम की सूचना पर हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं से मिलने शहर विधायक संजीव राजा व कोल विधायक अनिल पराशर अचलताल स्थित विद्यार्थी परिषद कार्यालय पहुंचे। जहां उन्हें इस प्रकरण में शामिल एक युवक मिला। इस युवक ने उन्हें बताया कि वह सभी सर्किल पर खड़े थे। तभी उन्हें एएमयू सुरक्षाकर्मियों ने घेर लिया और मारपीट की।
बाद में उन्हें बंधक बनाकर एएमयू की एक गाड़ी में बैठा लिया और फिर बंधक बनाकर कैंपस के अंदर कई जगह घुमाते रहे। इस दौरान मारपीट के साथ उनकी गाड़ी में भी तोड़फोड़ की गई। इसके बाद वह उन्हें सिविल लाइंस थाने ले गए। कैंपस में घुमाने के पीछे क्या वजह थी, यह नहीं मालूम। मगर आपसी बातचीत में वह उनके खिलाफ तरह-तरह की बातें कर रहे थे। सबक सिखाने तक की धमकी दे रहे थे। इस मौके पर विधायकों ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह मामले में उचित कार्रवाई कराएंगे। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष देवराज सिंह व अन्य भाजपा व आरएसएस नेता भी मौजूद रहे।
यह एएमयू छात्रों की गुंडागर्दी है। कैंपस के बाहर पुतला फूंकने के बाद अगर इस तरह से वह कानून हाथ में लेंगे तो फिर वह शहर में कुछ भी कर सकते हैं। इनके खिलाफ पुलिस प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
-संजीव राजा, शहर विधायक