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मुकदमे के विरोध में सड़क पर उतरे वकील, हड़ताल रख लगाया जाम

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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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मुकदमे के विरोध में तीन दिन के कार्य बहिष्कार हड़ताल पर गए दीवानी न्यायालय के अधिवक्ताओं की हड़ताल बुधवार को पहले दिन एकजुटता के साथ सफल रही। सुबह से ही अधिवक्ताओं ने दीवानी के पांचों गेटों पर प्रदर्शन शुरू कर दिया और धरना देकर मुरादाबाद हाईवे पर जाम लगा दिया।

इस दौरान स्टांप वेंडरों के अलावा कलेक्ट्रेट व तहसील के अधिवक्ता भी समर्थन में आ गए और वहां भी न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया गया। अधिवक्ता पूरे दिन दीवानी के अंदर नहीं गए।
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सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक लगाए गए जाम के चलते यातायात डायवर्ट करना पड़ गया। पुलिस प्रशासन भी इसे लेकर बैचेन रहा। इधर, अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते वादकारियों से कुछ लोगों द्वारा तारीख दिलवाने के नाम पर अवैध वसूली करने की शिकायत पर हंगामा भी हुआ और निर्णय लिया गया कि गुरुवार से वादकारियों को भी दीवानी में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।

12 जनवरी को दीवानी न्यायालय परिसर के बाहर पार्किंग की समस्या को लेकर वकीलों द्वारा किए गए प्रदर्शन पर केंद्रीय नाजिर ने अलीगढ़ बार एसोसियेशन के पदाधिकारियों सहित 14 अधिवक्ताओं को नामजद व अन्य अज्ञात को आरोपी बनाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है।

इसके विरोध में वकीलों ने आंदोलन की घोषणा की है। इसी क्रम में बुधवार को दि अलीगढ़ बार एसोसिएशन व सिविल बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ताओं ने आंदोलन छेड़ दिया।

तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार अधिवक्ता न दीवानी कचहरी गए और न ही कलेक्ट्रेट। दीवानी के सभी गेटों पर अधिवक्ता जमा हो गए और इसके बाहर अनूपशहर रोड पर जाम लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

एक गेट के बाहर वकीलों ने जाम लगा दिया तो दूसरे गेट पर वकीलों की ही सभा हुई। इस दौरान अधिवक्ताओं ने मुकदमा वापस होने तक हड़ताल रखने का एलान किया।

इस प्रदर्शन में दीवानी, कलेक्ट्रेट के अलावा तहसील कोल के वकील भी शामिल हो गए। हालांकि कोर्ट परिसर के अंदर वादकारियों व न्यायिक अधिकारियों का आना-जाना बरकरार रहा, लेकिन वकील अंदर नहीं गए। वकीलों ने इस प्रदर्शन की घोषणा मंगलवार को ही की थी। ऐसे में पुलिस प्रशासन भी सतर्क रहा और अधिकारी जाम स्थल के निकट मौजूद रहे। पुलिस ने घंटाघर से डीएम रोड होकर वाहनों को निकाला।

जाम के चलते इस मार्ग की यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।
इधर, अधिवक्ताओं को यह जानकारी मिली कि दीवानी के अंदर कुछ लोग वादकारियोें से तारीख दिलवाने के नाम पर वसूली कर रहे हैं। इस पर गुस्साए अधिवक्ताओं ने इन लोगों को भगा दिया।

इसके बाद प्रस्ताव तय किया गया कि अब गुरुवार की हड़ताल में वादकारियों को भी अंदर नहीं जाने दिया जाएगा। ताकि अंदर उनसे अवैध वसूली न हो सके। यह जानकारी बार एसोसिएशन अध्यक्ष चौ. राजेंद्र सिंह, महासचिव रामअवतार सिंह एडवोकेट के अलावा उपसचिव मंगेश कुमार ने देते हुए यह भी बताया है कि दूसरा प्रस्ताव यह तय हुआ है कि वसूली करने वालों के खिलाफ तहरीर दी जाएगी।

साथ ही शासकीय अधिवक्ता भी कोर्ट परिसर में प्रवेश न करें। जो शासकीय अधिवक्ता कोर्ट परिसर में प्रवेश करेंगे और आंदोलन में शामिल नहीं होंगे। उन्हें बार की सदस्यता से वंचित करते हुए उनके विरुद्ध निंदा प्रस्ताव पारित किया जाएगा। इस मौके पर तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे। इधर, तहसील बार के अध्यक्ष हरीश बाल्यान के नेतृत्व में एसडीएम को ज्ञापन दिया गया, जिसमें दीवानी हड़ताल का समर्थन और मुकदमा वापसी की मांग उठाई गई।

कार्य करने वाले सरकारी अधिवक्ताओं की सदस्यता करें समाप्त
अधिवक्ता अनुरोध शर्मा, सरदार मुकेश सैनी, गिरीश कुमार, प्रमोद कुमार, एमएल बघेल आदि ने बार एसोसिएशन के अध्यक्ष व सचिव से मांग की है कि हड़ताल में कार्य करने वाले सरकारी अधिवक्ता जोकि बार के सदस्य हैं, उनकी सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त कर उन पर जुर्माना लगाकर बार के नोटिस बोर्ड पर उनके विरुद्ध कार्रवाई चस्पा कराएं। जिससे कि बार अधिवक्ता व विधि विभाग की गरिमा बचाई जा सके।
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नहीं हुए काम, वादकारी हुए परेशान
अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते दीवानी न्यायालय में कोई काम काज नहीं हो सका। इसके चलते वह वादकारी बेहद परेशान हुए, जो दूर गांव से या दूसरे जिलों से यहां तारीख पर आए थे। उन्होंने अधिवक्ताओं से अनुरोध भी किया। मगर हड़ताल के चलते एकजुट अधिवक्ताओं ने उन्हें अब पूछकर आने के लिए ही कहा।
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