एएमयू छात्र संघ के पदाधिकारियों के खिलाफ थाने में तहरीर
ब्यूरो,अमर उजाला,अलीगढ़।
अखिल भारत हिंदू महासभा के पदाधिकारियों ने एएमयू छात्र संघ के पदाधिकारियों के खिलाफ थाना सिविल लाइन में तहरीर दी है। इस दौरान महासभा पदाधिकारियों ने एक बार फिर एएमयू एवं उसके संस्थापक सर सैयद अहमद खान पर आपत्तिजनक टिप्पणी की।
मंगलवार को एएमयू छात्र संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों की बैठक हुई थी। उसमें सचिव मो. फहद ने कहा था कि अगर मुसलमानों के सब्र का बांध टूटा तो न जाने मुल्क के अंदर क्या हालात होंगे। इससे नाराज महासभा के प्रवक्ता अशोक पांडेय ने सचिव मो. फहद सहित बैठक में मौजूद अध्यक्ष मशकूर अहमद उस्मानी, उपाध्यक्ष सज्जाद सुभान रॉथर, कैबिनेट मेंबर समरीन फरहा, नबीला जेहरा, जैद शेरवानी, मो. नज्मुस साकिब, मो. शहबाज, शफीक, मो. नदीम, फरहान जुबैरी, जोहेब अहमद, सैयद मोहम्मद शाहबाज, इमतीन अशरफ के खिलाफ तहरीर दी है।
उनका कहना है कि मो. फहद का वक्तव्य भारत में विधि द्वारा स्थापित सरकार के प्रति घृणा पैदा करता है तथा मुसलमानों को भारत सरकार के विरुद्ध युद्ध करने की तैयारी के लिए उकसाना है। महासभा नेताओं ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि एएमयू छात्र संघ एक बार पुन: सिमी की तरह खड़ा हो रहा है। महासभा नेताओं ने एक बार फिर एएमयू संस्थापक को गद्दार की संज्ञा दी और कहा कि आजादी के बाद इस विश्वविद्यालय में ताला लग जाना चाहिए था, किंतु कांग्रेस के कुछ नेताओं की वजह से यह विश्वविद्यालय चलता रहा।
केंद्रीय विश्वविद्यालय होने के बावजूद इसका संचालन अल्पसंख्यक मुस्लिम विश्वविद्यालय की तरह हो रहा है। प्रदेश उपाध्यक्ष एडवोकेट गजेंद्र पाल सिंह आर्य ने कहा कि इसकी शिकायत गृह मंत्रालय से की जाएगी। जिला अध्यक्ष जितेंद्र पाल सिंह बघेल, जय वीर शर्मा, अनिल वर्मा, कुंज बिहारी मिश्रा, बबलू शर्मा, हरिशंकर शर्मा, राजीव भोला आदि मौजूद थे।
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हिंदू महासभा की इतनी औकात नहीं है कि उनको ज्यादा महत्व दिया जाए। वह पहले अपना इतिहास देखे। मैं देशभक्त हूं और हिंदू महासभा मुझे देश भक्ति का पाठ न पढ़ाए। हमारे मजहब में मुल्क के लिए ईमानदारी सिखाई जाती है।
- मो. फहद, सचिव, एएमयू छात्र संघ
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जिनके पास कोई काम नहीं है, वह एफआईआर करा रहे हैं। हमारे पास बहुत काम है। हिंदू महासभा को ज्यादा भाव देने की जरूरत नहीं है।
- मशकूर अहमद उस्मानी, अध्यक्ष एएमयू छात्र संघ