बजट मिला नहीं, फजीहत से बचने को सड़क के जख्मों पर मरहम
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
गड्ढामुक्त सड़कों के बड़े-बड़े दावे करने वाली योगी सरकार इस मामले को लेकर कितनी गंभीर है यह अतरौली जाने वाले वीवीआईपी मार्ग रामघाट रोड की दुर्दशा से स्पष्ट झलकता है। लोक निर्माण विभाग द्वारा कंडम घोषित इस सड़क का तालसपुर पुलिया से हरदुआगंज तक का तीन किलोमीटर का मार्ग जर्जर है। विभाग इस मामले में शासन के पास प्रस्ताव भी कई बार भेज चुका है, लेकिन शासन द्वारा अब तक बजट न मिलने के कारण प्रशासन की जमकर फजीहत हो रही है।
पिछले दिनों हेरिटेज इंटरनेशनल स्कूल में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने आए अलीगढ़ मंडल के कमिश्नर सुभाष चंद शर्मा इस सड़क के निर्माण के सवाल पर इस कदर लज्जित हुए कि उन्हें सार्वजनिक तौर पर सभी को सॉरी कहना पड़ा। यह आश्वासन भी देना पड़ा कि जल्द ही सड़क का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। आश्वासन तो उन्होंने दे दिया, परंतु बजट के अभाव में इसे पूरा करना संभव नहीं था।
मजबूरन उन्होंने विभाग को कम से कम पैच वर्क कराकर राहगीर और वाहन स्वामियों को थोड़ी बहुत राहत देने के आदेश दे दिए। परिणामस्वरूप इस सड़क के करीब डेढ़ किमी के हिस्से तालसपुर पुलिया से तालानगरी तक सोमवार से पैच वर्क शुरू करा दिया गया। हालांकि विभागीय अधिकारी इसे सर्द मौसम एवं कोहरे की स्थिति में दुर्घटनाएं रोकने के लिए उठाया गया कदम बताने में जुटे हैं।
अधिशासी अभियंता पीडब्लूडी एमएस सिद्दीकी ने भी पैच वर्क की यही वजह गिनाई है। उन्होंने स्वीकार किया कि इस कंडम सड़क के निर्माण के लिए बजट नहीं आया है। संभवत: जनवरी में बजट आने की संभावना है, लेकिन हकीकत सब देख और समझ रहे हैं। जो भी हो पैच वर्क हो जाने से कम से कम कुछ समय तो राहत मिलनी तय है।