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छठ महापर्व के लिए देवालय तैयार

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छठ महापर्व के लिए देवालय तैयार
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।

अलीगढ़। सूर्य की बहन छठी मईया के पूजन के पर्व ध्यान में रखते हुए टीकाराम मंदिर में तैयारियां शुरू हो गई हैं। यह चार दिनों का पर्व सबसे कठिन पर्वों में माना गया है। इस व्रत में सूर्य की पूजा की जाती है। इसमें व्रत को महिला और पुरुष दोनों ही रख सकते हैं। घर के दो बड़े सदस्य ही इस कठिन व्रत को रखते हैं। छठ पूजा के तीसरे और चौथे दिन निर्जला व्रत रखकर सूर्य पूजा करनी होती है। छठ पूजा के लिए टीकाराम मंदिर में सूर्य को अर्घ्य देने के लिए विशेष रूप से कृत्रिम नहर बनाई गई है।

टीकाराम मंदिर के प्रधान पुजारी राजू पंडित कहते हैं कि सूर्य की बहन छठी मईया की इस महापर्व में पूजा होती है। छठी मईया बच्चों को दीर्घायु बनाती हैं। चूंकि यह व्रत बेहद कठिन होता है इसलिए ज्यादातर घर की बुजुर्ग माता या दादी छठ करती हैं। घर की कोई एक दो वृद्ध मुखिया स्त्री, पुरुष बहू आदि ही छठ के कठिन व्रत पूजा का पालन करते हैं। घर के बाकी सदस्य उनकी सहायता करते हैं। बाकी लोग छठी मैया के गीत भजन गाते हैं।
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तीन दशक बाद बन रहा है महासंयोग
महापर्व मंगलवार 24 अक्तूबर से शुरू हो रहा है। राजू पंडित कहते हैं कि पहले दिन मंगलवार की गणेश चतुर्थी है। पहले दिन सूर्य का रवि योग भी है। ऐसा महा संयोग 34 साल बाद बन रहा है। रवि योग में छठ की विधि विधान शुरू करने से सूर्य हर कठिन मनोकामना भी पूरी करते हैं। चाहे कुंडली में कितनी भी बुरी दशा चल रही हो। चाहे शनि राहु कितना भी भारी क्यों न हो। सूर्य के पूजन से सभी परेशानियों का नाश हो जाएगा। ऐसे महासंयोग में यदि सूर्य को अर्घ्य देने के साथ हवन किया जाए तो आयु बढ़ती है।
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मंगलवार- पहले दिन नहाय खाय
सुबह नदी या तालाब कुआं या अन्य जल स्रोत में नहा कर शुद्ध साफ वस्त्र पहनते हैं। छठ करने वाली व्रती महिला या पुरुष चने की दाल और लौकी शुद्ध घी में सब्जी बनाती हैं। उसमें सेंधा शुद्ध नमक ही डालते हैं। बासमती शुद्ध अरवा चावल बनाते हैं। गणेश जी और सूर्य को भोग लगाकर व्रती सेवन करती हैं। रात को भी घर के सदस्य पूड़ी सब्जी खाकर सो जाते हैं।

बुधवार- अगले दिन खरना
इस दिन व्रत रखने वाला पानी भी नहीं पीता है। पूरा व्रत निर्जला ही रहना पड़ता है।
बृहस्पतिवार-इस दिन अस्ताचल होते सूर्य को अर्घ्य देना होता है।
शुक्रवार - इस दिन सुबह उदय होते सूर्य को अर्घ्य देना होता है।
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