पूर्व डीआईजी के फार्म हाउस में डाका डालने वाले पहचाने
ब्यूरो,अमर उजाला,अलीगढ़।
यूपी, राजस्थान हरियाणा के फार्म हाउसों को निशाना बनाकर डकैती व रेप की वारदातों को अंजाम देते फिर रहे बाबरिया गैंग को टप्पल की डकैती पीड़ित महिलाओं ने पहचान लिया है। इस गैंग को तीन दिन पहले गुरुग्राम पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जहां अभी उनका रिमांड जारी है।
अब टप्पल पुलिस इस गैंग को वी वारंट पर अलीगढ़ लाकर रिमांड लेगी। तब पूरी वारदात का सिलसिलेवार खुलासा होगा। हां, फौरी पूछताछ में इतना जरूर पता चला है कि इस गिरोह का बेस कैंप पलवल था। यह दिन भर स्कूटी पर घूमकर वारदात के लिए सटीक ठिकाना तलाशते और रैकी करते थे। इसके बाद रात में वारदात को अंजाम देते थे।
बृहस्पतिवार को गुरुग्राम पुलिस ने 30 जनवरी को वहां के मंदपुरा गांव के फार्म हाउस व लोहा कारखाने में हुई डकैती व महिलाओं से दुष्कर्म के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान नजफगढ़ के धर्मू उर्फ हेमंत (23), नंगली विहार दिल्ली के मुन्ना उर्फ लक्की (20), बल्लभगढ़ के लंबू उर्फ टुल्ली (31) और झज्जर के राजबीर उर्फ नाहर सिंह के रूप मेें हुई है।
इस गैंग ने पूछताछ में 21/22 जनवरी 2017 की रात हिमाचल कैडर के नोएडा निवासी सेवानिवृत्त डीआईजी आरके सिंह के जिकरपुर टप्पल स्थित फार्म हाउस में डकैती, महिलाओं के उत्पीड़न और दिल्ली से लखनऊ जाती दो वोल्वो बसों को यमुना एक्सप्रेस वे को होल्डअप कर लूटना स्वीकारा था।
यह खुलासा होने पर इंस्पेक्टर टप्पल सुनील कुमार सिंह फार्म हाउस कांड की पीड़ित महिला व युवती को लेकर शनिवार को गुरुग्राम पहुंचे। वहां उन्होंने पुलिस रिमांड पर चल रहे चार आरोपियों का पीड़ितों से आमना सामना कराया, जिनमें से दो को देखते ही पीड़ितों ने पहचान लिया।
इंस्पेक्टर के अनुसार अभी वह गुरुग्राम पुलिस की रिमांड पर हैं। इसलिए उनसे सिवाय फौरी पूछताछ व सूरत शिनाख्त कार्रवाई के कुछ नहीं हुआ है। जब गुरुग्राम पुलिस उन्हें जेल भेज देगी, तो उनका स्थानीय न्यायालय से वी वारंट बनवाकर उन्हें यहां तलब किया जाएगा। इसके बाद रिमांड पर लेकर उनसे माल बरामदगी आदि का प्रयास होगा।
जड़ी बूटी का कैंप लगाकर रहे पलवल में
इस बाबरिया गैंग ने पूछताछ में स्वीकारा है कि बीते सर्द मौसम में उन्होंने पलवल में टप्पल रोड पर जड़ी बूटी बेचने का कैंप लगाकर अपना आशियाना बनाया था।
जहां दिन में उनकी महिलाएं कैंप में दवाएं बेचा करती थीं और वह लोग खुद स्कूटी लेकर आसपास के जिलों में ऐसे फार्म हाउस व कारखाने तलाशा करते थे, जो आबादी से अलग हों और वहां वारदात को आसानी से अंजाम दिया जा सके।
इसी मॉडस अपरेंडी पर चलकर उन्होंने यूपी, हरियाणा, राजस्थान में कई वारदातों को अंजाम दिया। सबसे खास बात यह है कि इन चारों के सही नाम अभी तक गुरुग्राम पुलिस भी नहीं जान पा रही है। एक-एक व्यक्ति के कई-कई नाम सामने आ रहे हैं।