इलाके के शिक्षण संस्थानों पर घूमी शक की सुई
ब्यूरो, अमर उजाला,अलीगढ़।
शनिवार को मदरसा चाचा नेहरू के वाटर कूलर में जहरीला पदार्थ (चूहामार दवा) मिलाने की घटना रविवार को चर्चा का विषय बनी रही। इस साजिश में इलाके के शिक्षण संस्थाओं के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस की भी इन पर शक की सुई घूम गई है। हालांकि, जांच के बाद सच्चाई पता चल सकेगी। बहरहाल, रविवार को छुट्टी होने के चलते जहरीले पानी की जांच नहीं हो सकी है। वहीं, मदरसे की दीवार ऊंची करा दी गई। यह मदरसा अलनूर चैरिटेबल सोसाइटी संचालित करती है, जिसकी चेयरपर्सन पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की पत्नी सलमा अंसारी हैं।
भमोला स्थित इस मदरसे में दो-तीन दिन में सीसीटीवी कैमरे लग जाएंगे। दिल्ली से मदरसे के बारे में पल-पल जानकारी सलमा अंसारी ले रही हैं। उन्होंने अपने इंटरव्यू में कहा था कि वह बच्चों को मुफ्त में तालीम देती हैं।
इससे कई स्कूलों में ताले लटक गए हैं। सलमा ने कर्मचारियों के लिए बाकायदा ड्यूटी चार्ट भी बना दिया है। अब बिना इजाजत के किसी की मदरसे में इंट्री नहीं होगी। रात में मदरसे की चारों ओर सुरक्षाकर्मी गश्त करेंगे।
मदरसे के केयर टेकर विक्रम सिंह इमारत की निर्माण पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं, एकेडमिक इंचार्ज परवेज खान को भी हिदायत दी गई है कि पढ़ाई के दौरान बार-बार स्टूडेंट न निकलने दें।
प्रधानाचार्य ने बच्चों के अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों को छोड़ने और लेने के लिए वह मदरसे के गेट तक ही आएं। पीआरओ राशिद अली ने बताया कि मदरसे के बाहर खड़े लोगों पर नजर रखी जाएगी। वहीं, एक खुफिया टीम भी इस संबंध में काम करेगी।
मदरसे में जो घटना हुई है, वाकई में दुर्भाग्यपूर्ण है। मदरसे की ऊंची दीवार है, ऐसे में जो अंदर घुसे थे, वह किशोर थे। बिना किसी सहयोग के वह अंदर नहीं घुस सकते। इसमें साजिश की बू आ रही है। इस मामले में हर पहलुओं पर बड़ी ही गंभीरता जांच की जाएगी।
-राजेश पांडेय, एसएसपी