अप्रैल में होने जा रहे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए जिला पंचायत राज विभाग द्वारा जारी प्रस्तावित आरक्षण को लेकर आईं 600 से अधिक आपत्तियों को निरस्त कर दिया गया है। बुधवार को डीएम चंद्रभूषण सिंह की अध्यक्षता में प्रस्तावित आरक्षण के खिलाफ आई आपत्तियों के निस्तारण को लेकर कलक्ट्रेट में जिलास्तरीय समिति की बैठक में इन आपत्तियों को आधारहीन मानते हुए निरस्त कर दिया गया। शेष 150 आपत्तियों पर मंथन जारी है। बृहस्पतिवार को इन सभी का निस्तारण होने की संभावना है।
पंचायती राज विभाग की तरफ से दो मार्च को पंचायत चुनाव के लिए प्रस्तावित आरक्षण जारी किया था। इसमें जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत सदस्य व प्रधानी पद का आरक्षण शामिल था। आठ मार्च तक आपत्तियां दर्ज कराने की समय सीमा में प्रधान पद के लिए 689, जिला पंचायत सदस्य के लिए 58 व क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए 37 आपत्तियां आईं।
बुधवार को डीएम चंद्रभूषण सिंह की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में शाम 5 बजे से सीडीओ समेत अन्य अफसरों की जिलास्तरीय समिति की बैठक हुई। डीपीआरओ पारुल सिसौदिया ने बताया कि मंथन के बाद करीब 600 आपत्तियां आधारहीन पाई गईं, इन्हें निरस्त कर दिया गया। शेष 150 आपत्तियों का निस्तारण बृहस्पतिवार को कर लिया जाएगा।
सबसे अधिक आपत्तियां जिला पंचायत सदस्यों के आरक्षण पर
सबसे अधिक भ्रम जिला पंचायत सदस्यों के आरक्षण को लेकर है। परिसीमन में सीटे घटने और अधिकतर वार्डों का क्षेत्र बदलने से आरक्षण के मामले में राजनीतिक पंडितों के कयास धरे रह गए हैं। बताते चलें कि शासन की तरफ जारी आदेश में क्रमांक के आधार पर आरक्षण जारी करने के निर्देश दिए हैं।