क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
घरेलू हिंसा की शिकार जट्टारी निवासी दो बहनों को एसीजेएम प्रथम मोहम्मद नसीम की कोर्ट से इंसाफ मिला। कोर्ट ने दोनों पीड़िताओं के पतियों को प्रतिमाह 10-10 हजार रुपये बतौर गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया है। इसके साथ ही एक पीड़िता को एक लाख रुपये बतौर क्षतिपूर्ति वहीं, दूसरी को आवास की सुविधा दिलाने का भी आदेश दिया है।
थाना टप्पल के जट्टारी गांव की रहने वाली पिंकी पुत्री चरण सिंह और उसकी बहन सोनिया की शादी हरियाणा के पलवल के थाना सदर क्षेत्र के गांव रतिपुर निवासी क्रमश: गिर्राज और अजय पुत्र तेजी सिंह के साथ हुई थी। दोनों बहनों का आरोप था कि ससुरालियों ने उन्हें दहेज के लिए शादी के बाद से ताने देना और उत्पीड़न करना शुरू कर दिया था। 2017 में दोनों बहनों को दहेज की मांग पूरी न होने पर वापस मायके छोड़ गए और शादी के समय मायके से दिए गहनों को दबा लिया। मार्च 2017 में घर आकर दहेज की मांग की।
मांग पूरी न होने पर मायके वालों के साथ मारपीट कर दी। साथ बिना दहेज के साथ न रखने की धमकी देकर चले गए। इस मामले में दोनों बहनों ने कोर्ट की शरण में जाकर न्याय की गुहार लगाई थी। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी पतियों को पेश होने का आदेश दिया था। मगर, आरोपी न तो कोर्ट में पेश हुए और न ही कोई जवाब दाखिल किया। इसी के आधार पर कोर्ट ने दोनों पीड़ित बहनों के पक्ष में फैसला सुनाया। आदेश के अनुसार एक लाख रुपये की क्षतिपूर्ति सोनिया को और आवास की सुविधा पिंकी को दी जाएगी। वहीं, प्रत्येक माह की पांच तारीख तक हर हाल में गुजारा भत्ता की राशि दोनों बहनों के पास पहुंचानी होगी।