न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
महाकवि पद्म भूषण डॉ. गोपालदास नीरज की स्मृति में नुमाइश के मुक्ताकाश मंच पर बुधवार को साहित्यिक संख्या शिखर द्वारा साहित्यकार सम्मेलन का आयोजन किया गया। यहां युवा शायर नितिन नायब, प्रमुख समाजसेवी ठा. संजेश कुमार सिंह, रेटिना विशेषज्ञ एवं लेजर प्लानेट के डायरेक्टर डॉ. अमित गुप्ता, समाजसेवी अजीत सिंह तोमर ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कवि अशोक अंजुम ने नीरज जी को साहित्य का शिखर पुरुष बताया। उनके द्वारा सुनाई गई कविता नेताओं में और कवियों में इतना अंतर है यारों, उनको कुर्सी दिखती है तो हमको देश दिखाई देता है काफी सराही गई।
कवि हरीश बेताब ने कविता सारे जगत में गीत की पहचान थे नीरज, साहित्यकार के लिए समान थे नीरज.. सुनाई। वेद प्रकाश मणि ने कोटि-कोटि नमन शहीद सैनिकों को वतन के लिए तिरंगा ओड़ लेते हैं कविता सुनाई। युवा कवि मयूर देव ने जिसने भी तुझको देखा यूं नजदीक से होश वाले भी होश खोने लगे रचना पढ़ी।
नितिन नायब ने जरा सा दाग जो चहरे पर क्या लगा देखा, हर एक शख्स के हाथों में आईना देखा रचना सुनाई। वरिष्ठ कवि श्याम सुंदर सिंह ने कहा कि कोई तन से दुखी कोई मन से दुखी कोई धन से दुखी, यहां पर हर कोई दुखी..।
संचालन डॉ. दौलत राम शर्मा ने किया। इस मौके पर कवि सुधांशु गोस्वामी, गीतकार नरेंद्र शर्मा नरेंद्र, आयकर आयुक्त कवि सुनील बाजपाई, डॉक्टर दिनेश कुमार शर्मा, प्रेम शंकर शर्मा की कविता भी सराही गई। यहां कवि सुनील बाजपाई सरल, नरेंद्र शर्मा नरेंद्र, अशोक अंजुम, नितिन नायब, वेद प्रकाश मणि, प्रेम शंकर शर्मा, श्याम सुंदर श्याम, डॉ. दौलत राम शर्मा, सुधांशु गोस्वामी, डॉ. दिनेश शर्मा, डॉ. अमित गुप्ता, कुमार चंद्रहास को स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया गया।
इसके साथ ही ठा. संजीव कुमार सिंह, अशोक सक्सेना, अजित सिंह तोमर, डॉ नरेंद्र सिंह चौधरी, आरएन शर्मा, डॉ. अमित गुप्ता, अतीक सहर, गौरव सिंह, ललित शर्मा, हरीश शंकर मनमें, देवेंद्र पाल सिंह, संजय, दीपक शर्मा, सुनील भंडारी, एडहॉक श्रीवास्तव, मयूर देव, दिलशाद खान, मणि मधुकर मूसल आदि को सम्मानित किया गया।