न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी छात्रसंघ ने शनिवार को छात्रसंघ भवन में विभिन राजनीतिक दलों की एक बैठक की। इसमेें उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव को लेकर हुए तथाकथित धर्म निरपेक्ष दलों के गठबंधन और उसमें मुसलमानों व समाज के हाशिए पर गए तबकों को नजर अंदाज करने और उसके बाद पैदा हुए राजनैतिक माहौल पर चर्चा की।
इसमें सर्वसम्मति से यह पारित हुआ कि सभी सियासी पार्टियां लोकसभा चुनाव में एकजुटता के साथ एक फ्रंट बनाकर उतरेगी। सबने कहा कि तथाकथित धर्म निरपेक्ष दलों ने मुस्लिम समाज को सिर्फ वोट बैंक समझा लेकिन उनके लिए कुछ नहीं किया।
इसमें पीस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अब्दुल मन्नान, इंडियन नेशनल लीग के मो. सुलेमान, राष्ट्रीय उलमा काउंसिल के प्रदेश उपाध्यक्ष मतीउर रब तमीम, भारतीय मजलिस के इरफान बेदार, मुस्लिम मजलिस के वासी अहमद, आईआरपीएफ के प्रवक्ता अली मो. माज, परचम पार्टी के जनरल सेक्रेटरी बच्चन अली खान, नेशनल अमन पार्टी के नईम अहमद, एसडीपीआई के शरफुद्दीन अहमद, नेशनल लोकतांत्रिक पार्टी के एडवोकेट फरहत उस्मानी, इंडियन मुस्लिम राबिता काउंसिल के अब्दुर्रहमान, छात्रसंघ अध्यक्ष सलमान इम्तियाज, उपाध्यक्ष हमजा सुफियान, सचिव हुजैफ आमिर सहित सभी कैबिनेट सदस्य मौजूद थे।