न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
शहर के 24 विद्यालय अध्यापक विहीन हैं। इनके संचालन के लिए समीप वाले स्कूलों के शिक्षकों को चार्ज दिया गया है। वहीं शिक्षामित्रों का समायोजन कर इन विद्यालयों में पढ़ाई कराई जा रही है। ऐसे में कई विद्यालयों में एक ही शिक्षक पर कई कक्षाओं को पढ़ाने की जिम्मेदारी है। वहीं उनके अवकाश पर चले जाने से सारा दारोमदार शिक्षामित्रों पर ही आ जाता है।
शहर में 105 प्राथमिक व चार उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। 22 प्राथमिक विद्यालय व दो उच्च प्राथमिक विद्यालय अध्यापक विहीन हैं। सितंबर 2017 के आंकड़े के अनुसार इनमें पढ़ने वाले छात्रों की संख्या 8212 है।
आरटीई अधिनियम के तहत सभी प्राथमिक विद्यालयों में 170 व उच्च प्राथमिक विद्यालयों मेें 12 अध्यापकों का होना जरूरी है, जबकि प्राथमिक विद्यालय में 116 तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय में तीन अध्यापक ही कार्यरत हैं। सीधे तौर पर 63 अध्यापकों की कमी है। उधर पढ़ाई बाधित न हो इसके लिए 76 शिक्षामित्र शहर में समायोजित किए गए हैं, जबकि उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षामित्र नहीं होते हैं।
ऐसे में यहां की पढ़ाई की जिम्मेदारी एक-एक अध्यापक पर है। नगर खंड शिक्षा अधिकारी के अनुसार जो विद्यालय अध्यापक विहीन थे, उनमें शिक्षामित्रों को अस्थायी रूप से नियुक्त किया गया है। प्रधानाध्यापकों का अतिरिक्त प्रभार पास के विद्यालय वाले अध्यापकों को दिया गया है। किसी भी विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई में कोई बाधा नहीं आ रही है।
नगर क्षेत्र में वास्तव में अध्यापकों की कमी है। ग्रामीण क्षेत्रों के अध्यापकों को लाया नहीं जा सकता है। इस संबंध में शीर्ष अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। आगे शासन से जैसा आदेश आएगा, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय, बीएसए