न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी एवं 181 महिला हेल्पलाइन टीम ने ब्लॉक गोंडा के गांव हसनगढ़ में 17 वर्षीय किशोरी का बाल विवाह रुकवाया। उसकी शादी 25 जून को एक 30 वर्षीय पुरुष के साथ होनी थी।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी हितेश कुमारी ने बताया कि ब्लॉक गोंडा के गांव हसनगढ़ निवासी ने अपनी 17 वर्षीय पुत्री की शादी राम नगला बाजना मथुरा निवासी 30 वर्षीय युवक के साथ आगामी 25 जून को तय की थी।
शिकायत प्राप्त हुई थी कि लड़की नाबालिग है। जांच करने पर पाया गया कि हाई स्कूल की मार्कशीट के अनुसार किशोरी अभी केवल 17 वर्ष की है और उसकी शादी उसके ताऊ के द्वारा जबरन कराई जा रही थी। जिला बाल संरक्षण इकाई व 181 महिला हेल्पलाइन की टीम ने पुलिस की मदद से मंगलवार को बाल विवाह रुकवाते हुए लड़की के ताऊ से लिखित प्रमाणपत्र लिया।
इसमें लिखा था कि वह 18 वर्ष से पहले लड़की यानी कि अपनी भतीजी की शादी नहीं कराएगा। कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी गई। उन्होंने लोगों को बताया कि पुत्रियों का विवाह 18 वर्ष की आयु से पहले करना कानूनन अपराध है। इसके लिए आरोपी को कारावास व आर्थिक दंड की सजा मिल सकती है।
उन्होंने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के बारे में बताते हुए कहा कि बेटियां भारत का उज्जवल भविष्य हैं। बेटियों को पढ़ाएं और आगे बढ़ने का हौसला दें और सही उम्र में उनकी शादी करें। इस मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।