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योगेश-रॉबी की संपतियां कुर्क करने के आदेश

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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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डीएस कॉलेज के बहुचर्चित संजीव चौधरी हत्याकांड और पूर्व विधायक मलखान सिंह हत्याकांड में आरोपी हरदुआगंज के चर्चित हिस्ट्रीशीटर संजीव उर्फ रॉबी व योगेश चौधरी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।

एडीजे थर्ड की अदालत ने लगातार गैरहाजिर रहने पर इन दोनों की चल-अचल संपत्तियों की कुर्क करने के आदेश दिए हैं। खास बात है कि जिला मजिस्ट्रेट से लेकर डीआईजी, एसएसपी तक को आदेश का पालन कराने के लिए कहा गया है। अब इस मामले में सुनवाई के लिए अगली तारीख 19 मार्च नियत की गई है।
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वर्ष 2002 में डीएस कॉलेज पर टप्पल निवासी छात्र संजीव चौधरी की हत्या कर दी गई थी। इस मुकदमे में वर्तमान में सपा युवजन सभा जिलाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह कालू के अलावा मेरठ के चर्चित कविता चौधरी हत्याकांड में आरोपी रहे योगेश चौधरी निवासी ग्वालरा हरदुआगंज, पूर्व विधायक मलखान सिंह हत्याकांड में आरोपी संजीव रॉबी निवासी कलाई हरदुआगंज आदि नामजद किए गए थे। कालू इन दिनों जेल में हैं, जबकि मुकदमा अदालत में निर्णय की ओर बढ़ रहा है।

वर्तमान में बहस की प्रक्रिया चल रही है। इस मामले में हाईकोर्ट भी त्वरित सुनवाई कर जल्द मुकदमा निस्तारण का आदेश जारी कर चुका है। बहस शुरू होने के बाद से ही योगेश व रॉबी इस मामले में गैर हाजिर हैं और फरार हो गए हैं। अदालत ने एनबीडब्ल्यू जारी किए तो वह दोनों के फरार होने के कारण तामील नहीं हो सके।

इस पर अदालत ने दोनों के खिलाफ 28 फरवरी को धारा 82 के तहत कुर्की की उद्घोषणा का नोटिस जारी करते हुए 6 मार्च नियत की। इसके बाद भी यह दोनों हाजिर नहीं हुए। थाना पुलिस स्तर से रिपोर्ट लगाई गई कि यह अपनी संपत्तियां हटाने में लगे हैं। हालांकि छह मार्च की तारीख पर दोनों की ओर से 15 दिन का समय मांगा गया।
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मगर पुलिस रिपोर्ट व अभियोजन पक्ष की दलीलों पर अदालत ने दोनों के खिलाफ धारा 83 के तहत दोनों की चल-अचल संपत्तियां कुर्क कर निर्धारित तिथि में आख्या पेश करने के लिए गांधीपार्क पुलिस को आदेश दिए हैं। जिला मजिस्ट्रेट को इसके लिए अधिकृत किया है और डीआईजी व एसएसपी को आदेश का पालन कराने के लिए कहा गया है। बता दें कि इसी योगेश को थाने से छोड़ने पर पिछले दिनों इंस्पेक्टर गभाना को निलंबित किया गया था।
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