अविश्वास प्रस्ताव को लेकर खेमेबंदी तेज
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तिथि निश्चित होने के बाद से दोनों खेमों में शक्ति परीक्षण के लिए खेमे बंदी का दौर और तेज हो गया है।
दोनों ही पक्ष शक्ति परीक्षण से पूर्व अपने तरकश के तीर पैने करने में जुटे हैं। अपने समर्थक सदस्यों को साथ बनाए रखने के लिए मान-मनौव्वल का सहारा लिया जा रहा है। तमाम प्रलोभन देकर 29 जुलाई को अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिशें हो रही हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर 11 दिनाें तक चली जद्दोजेहद के बाद डीएम द्वारा 29 जुलाई की तिथि मुकर्रर करने के बाद जहां अध्यक्ष का विपक्षी खेमा उत्साह से भर गया है तो अध्यक्ष पक्ष भी अपनी दावेदारी को कमजोर मानने को तैयार नहीं है। अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए दोनों खेमे अपने समर्थक सदस्यों के लगातार संपर्क में हैं।
प्रतिष्ठा के इस खेल में हवा का रुख अपने पक्ष में मोड़ने के लिए शतरंजी चालें चली जा रही हैं तो विपक्षियों के खेमे में सेंधमारी की कोशिशें लगातार जारी हैं। बताते चलें कि 29 जुलाई को दोपहर 12 बजे से जिला पंचायत बोर्ड बैठक में अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा। बैठक में पीठासीन अधिकारी वरिष्ठ न्यायिक अफसर होंगे। इनमें या तो खुद जिला जज या फिर उनके द्वारा नामित अन्य वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी पीठासीन अधिकारी की भूमिका निभाएंगे।
बिचौलियों की मौज
जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उनके विरोधियों के बीच अविश्वास प्रस्ताव को लेकर चल रहे शह और मात के खेल में बिचौलियों की चांदी कट रही है। अपने हाथ में तमाम सदस्यों की बागडोर होने का दावा करने वाले ये बिचौलिए इस समय हाट केक बने हुए हैं। अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए दोनों ही पक्ष न केवल इनकी हर बात का अक्षरक्ष पालन कर रहे हैं बल्कि विरोधियों के कद और चालों का मुकाबला भी इन्हीं से राय मशवरा लेकर किया जा रहा है।