करोड़ों के बर्तन और लैपटॉप धूल फांक रहे
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
योगी सरकार ने बजट में अखिलेश यादव के मुख्यमंत्रित्व काल की लैपटॉप वितरण और एमडीएम में बर्तन उपयोग की योजना तो बंद कर दी है लेकिन यहां काफी बर्तन बीआरसी और लैपटॉप जीआईसी के बंद कमरों में धूल फांक रहे हैं। लैपटॉप के पात्र विद्यार्थी चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उन्हें लैपटॉप नहीं मिल रहे।
उल्लेखनीय है कि अखिलेश यादव ने अपने कार्यकाल में मेधावियों के लिए लैपटॉप वितरण की योजना शुरू की थी। चुनाव से पहले लैपटॉप बांटे गए थे लेकिन इसी दौरान चुनाव आचार संहिता लागू हो गई थी तो कुछ पात्र विद्यार्थी लैपटॉप नहीं सके थे। उसके बाद इस बारे में यहां अधिकारियों को कोई निर्देश नहीं मिले।
अभी भी नौरंगीलाल जीआईसी में 159 लैपटॉप एक कमरे में रखे हैं और पिछली सरकार में जिन विद्यार्थियों को इन्हें बांटा जाना था, वह अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन लैपटॉप उन्हें नहीं दिए जा रहे। योजना बंद करने के बाद आखिर यह लैपटॉप क्या शासन वापस मंगाएगा या फिर इन्हें वितरित करने के निर्देश आएंगे।
अधिकारी इसका इंतजार कर रहे है। इसी प्रकार चुनाव से पहले अखिलेश यादव ने बच्चों को एमडीएम में इस्तेमाल के लिए बर्तन भिजवाए थे। थाली और गिलास पर अखिलेश का नाम लिखा था। इस पर चुनाव में इनका इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी गई।
इस जिले में भी करीब एक करोड़ दस लाख रुपये की कीमत के बर्तन भिजवाए गए। यह बीआरसी के कमरें में धूल फांक रहे हैँ और इनका इस्तेमाल भी बंद है। इस बारे में अधिकारियों का कहना है कि अब तो सरकार ने यह योजना ही बंद कर दी है, तो बर्तनों का इस्तेमाल भी नहीं होगा।