सनातन धर्म के पुनर्जागरण और धोखाधड़ी से होने वाले धर्मांतरण को रोकने के उद्देश्य से गार्गी कन्या गुरुकुल और अग्नि समाज ने पश्चिम उत्तर प्रदेश में एक मिशन की शुरुआत की है। इससे पहले मेरठ के रोहटा रोड में ईसाइयत की तरफ जा चुके 50 परिवारों की सनातन धर्म में वापसी करवाई थी।
इगलास के गर्गी कन्या गुरुकुल भैंंया और अग्नि समाज ने 12 जनवरी को गांव लधौली में 50 हिंदू परिवारों की घर वापसी कराई। इस दौरान गांव में आयोजित स्वागत यज्ञ में इन परिवारों ने आहुतियां डाली और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का संकल्प लिया।
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घर वापसी करने वाले ये परिवार ईसाई समाज से जुड़ गए थे और उनकी प्रार्थना सभाओं में जाने लगे थे। 12 जनवरी को यह यज्ञ में शामिल हुए। इस दौरान इन्हें जातिवाद, मांसाहार, शराब और अश्लील सामग्री से दूर रहने का भी संकल्प दिलाया। सनातन धर्म के जयघोष के साथ यज्ञ का समापन हुई।
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गार्गी कन्या गुरुकुल की आचार्य मनु आर्या ने बताया कि वैदिक सनातन धर्म के पुनर्जागरण और धोखाधड़ी से होने वाले धर्मांतरण को रोकने के उद्देश्य से गार्गी कन्या गुरुकुल और अग्नि समाज ने पश्चिम उत्तर प्रदेश में एक मिशन की शुरुआत की है। इससे पहले मेरठ के रोहटा रोड में ईसाइयत की तरफ जा चुके 50 परिवारों की सनातन धर्म में वापसी करवाई थी।
अग्निसमाज की स्थापना आईआईटी स्नातक और वैदिक विद्वान संजीव नेवर ने की है। उन्होंने बताया कि उनके संगठन का उद्देश्य धर्मांतरण रोकना और समाज में वैदिक परंपराओं को पुनर्जीवित करना है। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ अक्सर जबरन और धोखाधड़ी से होने वाले धर्मांतरण के मामलों के लिए सुर्खियों में रहता है। यह आयोजन आध्यात्मिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।