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एसएनसीयू में तीन महीने में 47 नवजात की मौत, सुविधाओं पर उठे ढेर सारे सवाल

Thu, 16 Jan 2020 02:52 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो कौशल ओझा, अलीगढ़
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अस्पताल के अंदर... - फोटो : अमर उजाला
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मोहनलाल गौतम महिला अस्पताल स्थित स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में पिछले तीन महीने में 47 नवजात की मौत हुई है। यानी महीने में करीब 15 से अधिक नवजात की मृत्यु।

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गौर करने लायक बात यह है कि बाहर से आकर भर्ती होने वालों शिशुओं की मृत्यु अस्पताल में जन्मे शिशुओं से अधिक है। 47 मृत शिशुओं में 33 बाहर से आकर भर्ती हुए थे।

मोहनलाल गौतम महिला अस्पताल के अंदर एसएनसीयू का संचालन होता है। इसमें 14 बेड हैं, जिसमें से सात इंडोर एवं सात आउटडोर (बाहर से आने वाले शिशुओं) के लिए हैं। महिला अस्पताल में ही औसतन हर महीने 900 बच्चे जन्म लेते हैं।
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राजस्थान एवं गुजरात में कड़ाके की सर्दी में मौत का मामला प्रकाश में आने के बाद बच्चों के लिए उपलब्ध सुविधाओं को लेकर पूरे देश में सवाल उठने लगे हैं।

हालांकि यहां मौत की वजह कुछ और है। एसएनसीयू में तैनात लोगों का कहना है कि मौत की वजह सांस लेने में दिक्कत, पैदा होने में दिक्कत, संक्रमण, सेफलिस, समय से पूर्व जन्मे नवजात व नवजात का कम वजन, हाइपोथर्मिया आदि है।

तीन महीने में भर्ती नवजातों की संख्या - 598 मरीज
21 सितंबर से 20 अक्तूबर के बीच भर्ती - 223 में से 14 की मौत
21 अक्तूबर से 20 नवंबर के बीच भर्ती - 190 में से 17 की मौत
21 नवंबर से 20 दिसंबर के बीच भर्ती - 185 में से 16 की मौत

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शिशुओं की जिंदगी बचाने के लिए चाहिए वेंटिलेटर

एसएनसीयू में वेंटिलेटर की जरूरत है। गंभीर रूप से बीमार शिशुओं को जब वेंटिलेटर की जरूरत होती है तो उसे दूसरी जगह रेफर करना पड़ता है। व्यावहारिक पक्ष यह है कि वेंटिलेटर की कमी पूरे अलीगढ़ में है।

ऐसे में वेंटिलेटर की तलाश में बहुत वक्त लग जाता है। कई बार तो उपलब्ध भी नहीं हो पाता है। इसके अतिरिक्त एसएनसीयू में सेंट्रल ऑक्सीजन की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है।

एसएनसीयू में आए शिशुओं की जिंदगी बचाने के लिए पूरा प्रयास किया जाता है। यह लेवल टू इंसेटिव केयर यूनिट है और लेवल के आधार पर सभी सुविधाएं हैं। जिले में कुछ और एसएनसीयू बन जाए तो शिशुओं को काफी फायदा होगा और शिशु मृत्यु दर में गिरावट आएगी। लेवल थ्री एसएनसीयू की भी जरूरत है।
- डॉ. जीपी शर्मा, प्रभारी सीएमएस, महिला अस्पताल (बालरोग विशेषज्ञ)

महिला अस्पताल में पत्नी ने बच्चे को जन्म दिया है। पीलिया की शिकायत है। उसका उपचार एसएनसीयू में चल रहा है। उम्मीद है बच्चा जल्दी ठीक हो जाएगा।
- राजीव कुमार, बैंक कॉलोनी

पतोहू ने सुबह में ही बच्चे को जन्म दिया है। बच्चा बहुत कमजोर है। उसे एसएनसीयू में भर्ती कराया गया है। डॉक्टर इलाज कर रहे हैं।
- सबरानी, जयगंज
कंगारू मेडिकल केयर


एसएनसीयू के अंतर्गत ही कंगारू मेडिकल केयर (केएमसी) संचालित किया जाता है। इसका उद्देश्य बीमार बच्चों के शरीर के तापमान को मेनटेन करना है। छह बेड के केएमसी में मां अपने बच्चे को सीने से लगाकर विशेष तरीके से स्तनपान कराती है।
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