क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
थाना इगलास क्षेत्र में तीन साल पहले हुए एक आत्महत्या के मामले में बुधवार को एडीजी प्रथम संतोष कुमार श्रीवास्तव की कोर्ट ने आरोपी पति को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का दोषी करार देते हुए चार साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी को दस हजार के जुर्माने से भी दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी प्रमोद कुमार तोमर के अनुसार मामला अगस्त 2016 का है। इगलास थाना क्षेत्र की महिला सीता ने पत्नी पवन कुमार की आग से झुलसने से मौत हुई थी। इस मामले में सीता के परिजनों ने थाना पुलिस को सीता के पति पवन कुमार, ससुर चरन सिंह, सास ओमवती, जेठ श्रीनिवास, किशनलाल, देवर कन्हैयालाल के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
आरोप था कि शादी में दिए दान-दहेज से नाखुश सीता के ससुराल वाले उसे प्रताड़ित करते थे और अगस्त 2016 में उन्होंने आग लगाकर उसकी हत्या कर दी। इस मामले में कोर्ट में पेश हुए गवाहों ने बयान दर्ज कराए कि सीता को उसके ससुरालियों ने आग नहीं लगाई बल्कि एक दिन उसके पति ने उसको थप्पड़ मार दिया था। इसके बाद उसने खुद को आग लगा ली थी। गवाहों के बयानों और कोर्ट में हुई जिरह के आधार पर मामला आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का सिद्ध हुआ। इस पर आरोपी पति पवन कुमार को चार साल की कैद और दस हजार के जुर्माने से दंडित किया है।