न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
प्रसिद्ध लेखिका एवं समाजसेवी अरुंधति रॉय ने अपनी नई पुस्तक द मिनिस्ट्री ऑफ अलमोस्ट हैप्पीनेस पर वीमेंस कॉलेज की छात्राओं से बातचीत की।
कार्यक्रम का आयोजन वीमेंस कॉलेज स्टूडेंट यूनियन के तत्वावधान में किया गया। अरुंधति रॉय स्वयं मीडिया से दूर रहीं। कार्यक्रम में भी मीडियाकर्मियों को जाने की अनुमति नहीं थी। वीमेंस कॉलेज आडिटोरियम में उन्होंने छात्राओं के प्रश्नों के जवाब भी दिए।
छात्राओं को आजादी से जीने की सलाह दी। छात्राओं ने पूछा कि पुस्तक लिखने के लिए कितना सर्च किया तो उनका कहना था कि मुझे कुछ ढूंढ़ने की जरूरत नहीं पड़ी। यह पुस्तक स्वयं के अनुभव पर आधारित है। उन्होंने अपनी माता के संघर्षमय जीवन की चर्चा कर आत्मनिर्भर बनने का सुझाव दिया। कहा कि आत्मनिर्भर बनने के लिए पहले आर्किटेक्चर की पढ़ाई की।
बाद में लेखिका बनीं। लेखन उनका शौक है। उपन्यास के केंद्र में एक ऐसी महिला है जो दंगे में जान बचाकर कब्र को घर बना लेती है। उनकी पुस्तक का अंग्रेजी से उर्दू अनुवाद करने वाली अर्जुमंद आरा भी उनके साथ मौजूद थीं। स्टूडेंट यूनियन की सचिव मेमुना अंसारी ने प्रतीक चिन्ह देकर अरुंधति रॉय का स्वागत किया। इस अवसर पर अध्यक्ष आफरीन फातिमा, अफनान आदि मौजूद रहीं।