न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
छर्रा बस अड्डा प्रकरण में 72 करोड़ की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा हटवाने के बाद प्रशासन की निगाहें अन्य प्राइवेट बस अड्डों की जमीनों पर गड़ गई हैं। डीएम के आदेश पर इन सभी बस अड्डों का रिकार्ड खंगाला जा रहा है।
ताकि यह पता लगाया जा सके कि कही अन्य बस अड्डों के निर्माण में भी तो सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा नहीं है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम कोल ने बुधवार को अतरौली एवं खैर बस अड्डे का दौरा कर वहां मौजूद बसें हटवाकर खाली करा दिया।
छर्रा बस अड्डा प्रकरण पिछले तीन दिनों से सुर्खियां बना हुआ है। इस बस अड्डे के निर्माण में बस माफिया ने 14 बीघा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किया था। इसकी वर्तमान में कीमत 72 करोड़ है। इस अतिक्रमण को तुड़वाकर यहां नगर निगम का बोर्ड लगवा दिया गया है।
इस मामले से सबक लेते हुए डीएम चंद्रभूषण सिंह ने सभी एसडीएम को संपूर्ण जिले में संचालित प्राइवेट बस अड्डों की भूमियों की पैमाइश के आदेश दिये हैं। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम कोल जोगिंदर सिंह ने स्वीकार किया कि सभी प्राइवेट बस अड्डों की जमीन के कागज खंगाले जा रहे हैं।
इसके बाद इन सभी की पैमाइश होगी। पैमाइश में यदि सरकारी भूमि का प्रयोग पाया जाता है तो विधि सम्मत कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण तुड़वा दिया जाएगा।