न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
प्रशासन द्वारा जारी किए गए शहर से बाहर प्राइवेट बस अड्डों के फरमान के तहत बुधवार को सिधौली ओजोन सिटी मोड़ से छर्रा अड्डा प्रारंभ हो गया है। खेरेश्वर निकट हाइवे स्थित खैर अड्डे वाली बसों का संचालन शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में यहां के यात्री ज्यादा परेशान हैं।
मडराक में हुई दुर्घटना के चलते प्रशासन ने शहर के सभी प्राइवेट बस अड्डों का संचालन शहर से बाहर करने के फरमान जारी किए थे। साथ ही बस आपरेटरों को चेतावनी देते हुए कहा था कि वह अपनी बसों का संचालन शहर के बाहर प्रस्तावित अड्डों से ही करें, या फिर अपनी बसों को खड़ा कर दें।
ऐसे में मंगलवार को कमिश्नरी कार्यालय के सामने पैंठ से अतरौली अड्डे वाली बसों का संचालन तो शुरू हो गया, जबकि अन्य अड्डों से बसें नहीं चल पाईं थीं। वहीं अब बुधवार को दूसरे दिन सिधौली ओजोन सिटी मोड़ से छर्रा अड्डे वाली बसों का संचालन शुरू हो गया है।
यहां से करीब-करीब सैकड़ा बस कासगंज, गंगीरी, जलाली, कौड़ियागंज, वाजिदपुर, छर्रा, सांकरा, हरदोई, बरला आदि के लिए संचालित हो गई हैं। वहीं अतरौली अड्डे से अतरौली, संभल, कासिमपुर, अनूपशहर, रामघाट, पहासू की बसें संचालित हैं।
एक महीने में सुचारू रूप से शुरू हो सकेंगे सभी बस अड्डे
सभी बस अड्डे लगभग एक महीने में सुचारू रूप से शुरू हो सकेंगे। बुधवार को तीनों बस अड्डों पर मट्टी भरने, समतल करने के साथ बोरिंग का कार्य जारी रहा। गड्ढों को भरने में लगभग यहां काफी मिट्टी डाली जानी है। सड़क के स्तर तक के मिट्टी भराव में लगभग दो हफ्ते का समय लगेगा। क्योंकि भराव वाली जमीन को पानी डालकर ठोस भी किया जाएगा। इसके बाद इसे समतल किया जाएगा। वहीं बोरिंग के बाद सबमर्सिबल लगने तक एक हफ्ते का समय। बस अड्डों की बाउंड्रीवॉल में दो हफ्ते अलग से लग जाएंगे। ऐसे में एक महीने में यह बस अड्डे तैयार होंगे।
खैर अड्डे से शुरू नहीं हुईं बस
अतरौली बस अड्डे और छर्रा अड्डे वाली बसों का संचालन जहां बुधवार तक शहर से बाहर शुरू कर दिया गया, वहीं खैर अड्डे वाली बसों का संचालन नहीं हुआ। यह संचालन बस अड्डे के बाद में ही होना बताया जा रहा है। इस बस अड्डे के पास बसों के खड़े होने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। यहां की जमीन हाइवे से चार-पांच फुट नीचे है। जबकि बसों की पार्किंग व्यवस्था हाइवे पर नहीं की जा सकती है। इसलिए बुधवार को भी खैर अड्डे से बसों का संचालन शुरू नहीं हुआ। ऐसे में इस रूट के यात्रियों ने डग्गेमार वाहनों का सहारा लिया।