सोलह बच्चे मिले जन्मजात हृदय रोगी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर (डीईआईसी) की कार्डियक मूल्यांकन एवं सर्जरी यूनिट ने दिल के रोगी बच्चों की तलाश तेज कर दी है। शनिवार को जेएन मेडिकल कालेज में लगे शिविर में 16 ऐसे बच्चों की पहचान हुई जिनको हार्ट सर्जरी की जरूरत है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के गरीब बच्चों को हार्ट सर्जरी तक पूरा इलाज नि:शुल्क है।
मेडिकल कालेज परिसर में ट्रॉमा सेंटर स्थित ओबीजी कार्डियक ब्लॉक में रविवार को सुबह नौ बजे से दोपहर बाद दो बजे तक चले शिविर में बाल हृदय रोज विशेषज्ञ डॉ. साद आबकारी, डॉ. मिर्जा मो. कामरान ने बच्चों की इको जांच की। शिविर में 40 बच्चों की जांच हुई, जिसमें 16 बच्चे जन्मजात हृदय रोगी मिले।
केंद्र के लिए सरकार ने 15 करोड़ रुपये मंजूर किये हैं, जिसमें 6 करोड़ की जर्मन मेड कैथलैब मशीन भी आ चुकी है। 25 लाख रुपये सर्जरी के लिए भी मिल गए हैं, जिसमें तीन की सर्जरी भी हो चुकी है। बाकी की सर्जरी जारी है। शिविर में डीईआईसी की नोडल अफसर डॉ उज्मा फिरदौस, मेडिकल अफसर डॉ. इश्तियाक, डॉ. नवेद, डॉ फाजिल आदि मौजूद रहे।
डीईआईसी के बाल कार्डियक मूल्यांकन एवं सर्जरी यूनिट के डॉ. साद आबकारी एवं डॉ मिर्जा मो. कामरान इस समय पश्चिमी उत्तर प्रदेश में केवल दो वाल्व हृदय में ट्रेंड विशेषज्ञ हैं। इनके अलावा एक भी हृदय रोग विशेषज्ञ वाल्व हृदय में ट्रेंड नहीं हैं।