न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
एक सप्ताह से सुबह और शाम होते ही कोहरा इतना घना हो जाता है कि सड़क पर वाहन चलाना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।
कोहरे से निपटने के लिए रोडवेज की बसों में हर साल फॉग लाइट लगाई जाती है, लेकिन इस बार ऐसा किया नहीं गया है। अलीगढ़ एवं बुद्ध विहार डिपो की कुल 235 बसों में से कुछ को छोड़ दिया जाए तो अधिकतर बसें साधारण लाइट के सहारे ही कोहरे को चीरते हुए सड़क पर दौड़ रही हैं।
फॉग लाइट लगे होने का अधिकारी दावा कर रहे हैं, लेकिन हकीकत इससे एकदम विपरीत है। कुछ चालकों ने तो अपने खर्चे पर लाइट पर रंगीन पॉलीथीन लगा रखी है, ताकि वह दुर्घटना ग्रस्त होने से बचे रहें।
आंकड़े गवाह हैं कि कोहरे में दुर्घटनाएं अधिक होती हैं। इसलिए परिवहन निगम अपनी बसों में फॉग लाइट लगाता है, ताकि कोहरे के कारण होने वाली दुर्घनाओं में कमी लाई जा सके।
फॉग लाइट लगने के बाद दुर्घटनाओं में कमी भी होती है। यह लाइट इतनी तेज होती है कि घने कोहरे को भी भेदती हुई चालक को रास्ता दिखा देती है। इससे घने कोहरे में भी चालक को बस चलाने में सहूलियत होती है। अलीगढ़ डिपो में 122 तथा बुद्ध विहार डिपो में 131 बसें हैं।
इसमें से कुछ को छोड़ दिया जाए तो बाकी में फॉग लाइट नहीं लगी हैं। हालांकि दोनों ही डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक सभी बसों में फॉग लाइट लगे होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर सच्चाई इनके दावों की पोल खोल रही है।
वर्जन
हमारी सभी बसों में फॉग लाइट लगी है। डिपो के फोरमैन ने भी इसकी पुष्टि की है। बावजूद इसके यदि किसी बस में फॉग लाइट नहीं लगी है तो लगवा दी जाएगी।
योगेंद्र प्रताप सिंह, एआरएम बुद्ध विहार डिपो
सभी बसों में फॉग लाइट लगी है। जिनमें फॉग लाइट नहीं लग पाई है। उन बसों के साधारण बल्ब को हटाकर फॉग लाइट वाले बल्ब लगवा दिए हैं। ताकि कोहरे में बस चालक को परेशानी न हो।
- एमसी शर्मा, एआरएम अलीगढ़ डिपो