गुप्त नवरात्रि और शनि अमावस्या एक आज
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
सतयुग में चैत्र नवरात्री द्वापर में माघ नवरात्रि, कलयुग में आश्विन नवरात्री और त्रेता में अषाढ़ नवरात्री की प्राथमिकता रहती है। मां दुर्गा का नौ दिवसीय साधना पर्व गुप्त नवरात्री 24 जून शनिवार से प्रारम्भ होकर दो जुलाई रविवार तक चलेंगे। साधना का यह सबसे उत्तम समय होता है। इस वर्ष शनि अमावस्या और गुप्त नवरात्री का अद्भुत योग भी बन रहा है। इससे पूर्व 2007 में ये योग बना था। भविष्य में 17 साल बाद 2034 में यह योग आएगा। हलहारिणी अमावस्या के साथ ही आद्रा नक्षत्र वृद्धि योग और नाग करण होने से शनि दोषों का नाश करने के साथ मां भगवती दुर्गा की कृपा प्राप्त करने के लिए नौ दिन सबसे खास हैं।
वैदिक ज्योतिष संस्थान के अध्यक्ष आचार्य डा. बृजेश शास्त्री ने बताया कि प्रतिपदा से नवमी तक महालक्ष्मी, सरस्वती और दुर्गा के नौ रूपों की पूजा होती है। वर्ष 2017 का प्रथम गुप्त नवरात्रि है। गुप्त नवरात्री में दस महाविद्याओं की साधना की जाती है। गुप्त नवरात्री में दुर्गा सप्तसती का पाठ बीज मंत्रों का जाप व शक्ति की साधना की जाती है।
पूजन के विधान को बताते हुए कहा कि गुप्त नवरात्र की पूजा अन्य नवरात्र की तरह ही की जाती है। इस दौरान नौ दिन का उपवास किया जाता है। गुप्त नवदुर्गा के प्रथम दिन घट स्थापना की जाती है। तत्पश्चात प्रति दिन सुबह शाम के समय मां दुर्गा की पूजा आरती कर प्रसाद आदि का वितरण किया जाना चाहिए। गुप्त नवरात्री का समापन कन्या पूजन के साथ होता है। कई साधक दस महाविद्या की तंत्र साधना के लिए मां काली, तारा, त्रिपुर सुन्दरी भुवनेश्वरी, माता छिन्न महता, त्रिपुर भैरवी, माँ धूमावती, माता बगुलामुखी, मातंगी व कमला देवी की पूजा की जाती है।
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काल सर्प, पित्र दोष एवं साढ़े साती से परेशान लोग करें शनि की पूजन
अलीगढ़। अषाढ़ कृष्ण पक्ष अमावस्या आज मनाई जाएगी। शनिवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या को ही शनि अमावस्या कहते हैं। श्री गुरु ज्योतिषशोध संस्थान के अध्यक्ष पं. ह्रदय रंजन शर्मा ने बताया कि शनि देव का जन्म ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को हुआ था। वह भगवान सूर्य के पुत्र हैं। इनकी माता का नाम छाया है। यह क्रूर ग्रह माने जाते हैं। क्रूर गृह का अर्थ शनि के संदर्भ में यह है कि वह अपने दायित्वों और व्यवहार में अति कठोर हैं। किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं करते हैं। उन्हें न्यायाधीश भी कहा जाता है। साल की पहली शनि अमावस्या 24 जून व दूसरी 12 नवंबर को है। 24 जून को सुबह 07.54 मिनट से रविवार सुबह 06.09 मिनट तक रहेगी। कालसर्प दोष, पित्र दोष, ढैय्या और साढ़े साती से परेशान लोग को रुद्राभिषेक, पित्रदोष, शान्ति पूजन और शनि उपाय के लिए दान पुण्य चार गुना फल देते हैं।
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शिवपुरी कालोनी में शनि मंदिर पर आज होगा हवन
अलीगढ़। शिव शनि सेवा समिति द्वारा शनि अमावस्या पर इस बार भी शिवपुरी स्थित शिव शनि मंदिर पर शाम चार बजे से हवन, छह बजे बाबा का विशेष श्रृंगार दर्शनों के बाद 108 दीपकों से विशेष आरती होगी। समिति के महामंत्री हेमंत गर्ग ने बताया कि इसके बाद भंडारा होगा। उन्होंने भक्तों से कार्यक्रम में शामिल होने का आग्रह किया है।