फुटबाल बना जिले में ट्रांसपोर्ट नगर का मुद्दा
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
अलीगढ़। जिले में ट्रांसपोर्ट नगर का मुद्दा दो विभागों के मध्य फुटबाल बनकर रह गया है। जहां यूपीएसआईडीसी ने इंडस्ट्रियल एरिया एवं पर्याप्त जमीन उपलब्ध न होने का हवाला देते हुए ट्रांसपोर्ट नगर के लिए जमीन देने से इंकार कर दिया है, वही एडीए छेरत सीडीएफ के पास इंडस्ट्रियल एरिया की जमीन को लेकर अड़ गया है। वीसी ने 21 जून की तिथि नियत करते हुए स्वयं जमीन देखने की इच्छा जताई है। इससे पूर्व उन्होंने यूपीएसआईडीसी की जमीनों से संबंधित नक्शे तलब कर लिए हैं।
जिले में अन्य महानगराें की तर्ज पर ट्रांसपोर्ट नगर विकसित करने का ट्रांसपोर्टरों का 22 साल पुराना सपना साकार होता नहीं दिख रहा है। बुधवार को एडीए उपाध्यक्ष ने यूपीएसआईडीसी एवं दि गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की बैठक बुलाई। उपाध्यक्ष ने उपस्थित यूपीएसआईडीसी की जीएम स्मिता सिंह से जमीन उपलब्ध कराने को कहा।
बताते चलें कि ट्रांसपोर्ट नगर के लिए 100 एकड़ जमीन की दरकार है। जीएम ने बताया कि विभाग के पास बमुश्किल 20 एकड़ का प्लाट उपलब्ध हो सकता है। नियमानुसार यूपीएसआईडीसी की जमीन उद्यमों के लिए है। यहां ट्रांसपोर्ट नगर बनने से इंडस्ट्रियल एरिया की सड़के खतरे में पड़ जाएंगी।
उन्होंने मंगलम सीमेंट इंडस्ट्री को दी गई जमीन का हवाला देते हुए बताया कि कंपनी के ट्रॉलाओं के आवागमन से उस एरिया की सड़क इतनी क्षतिग्रस्त हो गई है कि उसे ठीक कराने में अतिरिक्त लागत लगनी है। लेकिन एडीए वीसी निशा गोयल ने उनकी सभी दलीलों को दरकिनार करते हुए छेरत सीडीएफ के पास की 20 एकड़ भूमि देखने की इच्छा जताई है।
इसके लिए उन्होंने 21 जून की तारीख मुकर्रर की है। स्मिता सिंह ने स्वीकार किया कि विभाग के पास ट्रांसपोर्ट नगर बनने लायक जमीन उपलब्ध न होने के बारे में एडीए को लिखित में दे दिया है। इस मौके पर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष ठा. अजय पाल सिंह समेत अन्य ट्रांसपोर्टर एवं अधिकारी मौजूद थे।
अपनी जमीन पर स्कूल बनवा दिया
अलीगढ़। विकास प्राधिकरण द्वारा बनाए गए मास्टर प्लान 2021 में सारसौल में एडीए की भूमि में बनाना तय हुआ था। लेकिन नापतोल की गई तो पता चला कि एडीए पहले ही इसमें से कुछ भूमि एक नामचीन स्कूल को दे चुका है। इसके बाद से भूमि की तलाश जारी है।