अलीगढ़ में पेट्रोल पंप के पल्सर-रिमोट जांच में भेजे गए
ब्यूरो, अमर उजाला, अतरौली (अलीगढ़)।
नरौरा 12 नंबर स्थित शहीद राजवीर सिंह पेट्रोल पंप पर मंगलवार को इंजीनियरों की विशेष टीम ने डीएसओ के नेतृत्व में मशीनों की जांच की। हालांकि इस टीम को चिप लगी नहीं मिली।
जिस मशीन से तेल भरवाने पर घटतौली को लेकर विवाद हुआ था, उसके दोनों पल्सर से छेड़छाड़ के शक में रिमोट के साथ सील कर इंडेन ऑयल की प्रयोगशाला में जांच के लिए चेन्नई भेेजा गया है। दूसरी मशीन को इंजीनियरों ने सही बताया है। इस पर पेट्रोल पंप की सील खोल दी गई है। अब एक से पेट्रोल पंप संचालित रहेगा।
बता दें कि 18 अप्रैल को शहीद राजवीर सिंह पेट्रोल पंप पर कार का टैंक फुल कराने के दौरान रिमोट से घटतौली का आरोप लगाते हुए एक युवक ने हंगामा किया था। आरोप लगाने वाला युवक गांव राजगांव के मजरा शफीपुर का रहने वाला है। पेट्रोल पंप पर मौजूद सेल्समैन की जेब से एक रिमोट भी बरामद हुआ था।
पुलिस ने पंप संचालक का काम देख रहे लोकेश चौधरी व दिनेश चौधरी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर पंप सील कर दिया था। चार मई को एसएसपी राजेश पांडेय व डीएसओ नीरज सिंह के नेतृत्व में पंप की सील खुलवाकर जांच कराई गई। जांच में चिप तो नहीं मिली, लेकिन पल्सर से छेड़छाड़ के सबूत मिले थे। इस पर पंप को पुन: सील किया गया था।
मंगलवार को मिडको कंपनी के इंजीनियर दीपक कुमार व विकास चौहान के नेतृत्व में विशेष जांच टीम बुलाई गई। टीम ने तहसीलदार राजेश कुमार, डीएसओ नीरज सिंह, इंडेन ऑयल के सेल्स ऑफिसर विनायक गुप्ता, एआरओ विमल सिकरवार, बाट माप निरीक्षक आर एस अकेला, नरौना चौकी इंचार्ज रजत शर्मा, आपूर्ति निरीक्षक प्रमोद कुमार की देखरेख में पेट्रोल पंपों पर लगी मशीनों की सघन जांच की।
- मशीनों के पल्सर इंजीनियरों ने चेक किए, लेकिन चिप लगी नहीं मिली। जिस मशीन पर विवाद हुआ था उसके दोनों पल्सर व रिमोट जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। फिलहाल पंप की सील खोल दी गई है। एक मशीन से पंप विधिवत चालू रहेगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। - नीरज सिंह, डीएसओ