कभी आंख के तारे थे और अब आंखों की किरकिरी बन गए हैं। यह कहावत ग्राम प्रधानों पर सटीक बैठ रही है। पंचायत चुनाव अगले वर्ष होने संभावित हैं। ऐसे में प्रधानों के खिलाफ शिकायतों का ग्राफ निरंतर बढ़ता ही जा रहा है। वर्तमान में 40 प्रधानों के खिलाफ विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं की जांच चल रही है। जबकि 71 प्रधानों के खिलाफ अनियमितताओं के गंभीर आरोप हैं।
जिला पंचायत राज अधिकारी पारुल सिसौदिया ने बताया कि अधिकांश प्रधानों के खिलाफ स्वच्छ भारत मिशन में हुए शौचालय निर्माण में अनियमितताओं से संबंधित हैं। अपात्रों के शौचालय बनवाने, निर्माण कार्यों में वित्तीय अनियमितता एवं मनरेगा जॉब कार्ड अपात्रों के बनवाये जाने की शिकायतें आम हैं। 40 प्रधानों के खिलाफ गंभीर वितीय अनियमितताओं के मामले में जांच चल रही है। 71 अन्य के खिलाफ भी शिकायतें हैं। इनकी जांच कराने की तैयारी है।
पिछले दो माह में पांच प्रधान गए जेल
डीपीआरओ ने बताया कि वित्तीय अनियमितताओं के मामले में इस वित्तीय वर्ष में ग्राम पंचायत नहल, नगला खुर्द, हजियापुर, अंडला, नगला सू एवं शहाजहांबाद के प्रधान के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सिद्ध हो चुके हैं। इनके प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकार सीज कर समितियों को दिए जा चुके हैं। इनमें से पांच को जेल भी भेजा गया है। आसना के प्रधान को भी पिछले दिनों जेल भेजा गया था।