प्रदेश में मकर संक्रांति से कोरोना टीकाकरण अभियान शुरू होने की उम्मीद है। 5 जनवरी को ड्राई रन की तैयारियां चल रही हैं। प्रथम चरण में जनपद में 13467 स्वास्थ्यकर्मियों को निशुल्क टीका लगाया जाएगा। जनपद में 40 लाख से अधिक लोगों को टीका कब और कैसे लगेगा, इस संबंध में अभी फैसला होना बाकी है।
2011 की जनगणना के अनुसार, जनपद की आबादी 3673889 है। इसमें शून्य से लेकर छह आयु वर्ग के बच्चों की संख्या 574509 (15.64 प्रतिशत) है। वर्तमान में जनपद की अनुमानित जनसंख्या 40 लाख से अधिक है, जिसमें शून्य से छह साल के बच्चों की आबादी करीब 15 प्रतिशत है। टीकाकरण को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. दुर्गेश कुमार एवं उप जिला प्रतिरक्षण अधिकारी शरद गुप्ता का कहना है कि प्रथम चरण में 9804 सरकारी एवं 3663 प्राइवेट (कुल 13467) स्वास्थ्यकर्मियों को नि:शुल्क टीके लगाए जाएंगे। दूसरे चरण में पुलिस, आरएएफ, नगर निगम, नगर पालिका, राजस्व आदि विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा मुख्य धारा से जुड़े लोगों को टीके लगाए जाएंगे। तीसरे चरण में 50 वर्ष से अधिक उम्र एवं विभिन्न रोगों से पीड़ित लोगों को टीके लगाए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि आयु वर्ग के हिसाब से कोई गाइड लाइन नहीं आई है। अभी वयस्क लोगों को ही टीके लगाए जाने हैं। आम नागरिकों से संबंधित गाइड लाइन का इंतजार है।
एक नजर में टीकाकरण...
- 13467 स्वास्थ्यकर्मियों को प्रथम चरण में टीका लगेगा।
- 9804 सरकारी एवं 3663 प्राइवेट स्वास्थ्यकर्मी
- जिले में वैक्सीन भंडारण क्षमता (6395 लीटर -12 लाख 79 हजार डोज)
- जिले में 78 क्रियाशील डीप फ्रीजर उपलब्ध
- जनपद में 27 सेशन साइट पर 140 सत्र/बूथ आयोजित किए जाएंगे। सोमवार को 50 सत्र, प्रथम शुक्रवार को 46 सत्र, द्वितीय सोमवार को 44 सत्र, द्वितीय शुक्रवार को मापअप राउंड हेतु सत्र आयोजित किए जाएंगे।
- जिले में राजकीय एवं प्राइवेट वैक्सीनेटरों की संख्या 808
- जनपद स्तरीय 4 एईएफआई केंद्र - जिला मलखान सिंह चिकित्सालय, मोहनलाल गौतम राजकीय महिला चिकित्सालय, पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय एवं जेएन मेडिकल कॉलेज
- जिला में पुनरीक्षित एईएफआई कमेटी का गठन कर लिया गया है।
- टीकाकरण के लिए ब्लॉक स्तर एवं जिला स्तर पर कंट्रोल रूम की स्थापना कर ली गई है।
- टीकाकरण के लिए सुरक्षा की दृष्टि से 35 कोल्ड चेनों पर 24 घंटे सुरक्षा गार्डों की ड्यूटी सुनिश्चित की जानी है।
- कोविड-19 टीकाकरण हेतु जिला शीत शृंखला बन्नादेवी पर सीसीटीवी केमरे की व्यवस्था की जानी है।
- पहले सत्र में 5000 स्वास्थ्यकर्मियों का टीकाकरण, दूसरे सत्र में 4600 और तीसरे सत्र में शेष बचे स्वास्थ्यकर्मियों का टीकाकरण
- ड्राई रन 5 जनवरी 2021 को 6 स्वास्थ्य केंद्रों पर
- ग्रामीण क्षेत्र में ड्राई रन - सीएचसी अतरौली, खैर एवं जवां
- शहरी क्षेत्र में ड्राई रन - यूपीएचसी पला साहिबाबाद, जमालपुर एवं जेएन मेडिकल कॉलेज
जिला शीत शृंखला सहित 35 कोल्डचेन प्वाइंट
अतरौली, हरदुआगंज, बिजौली, छर्रा, जवां, अकराबाद, इगलास, गोंडा, खैर, टप्पल, लोधा, चंडौस, गभाना, पुष्पविहार, केके जैन, पला साहिबाबाद, भुजपुरा, घंटरचौक, इंद्रानगर, महफूजनगर, बन्नादेवी, नगला तिकोना, बेगमबाग, नौरंगाबाद, जीवनगढ़, जमालपुर, मौलाना आजादनगर, शाहजमाल, ऊपरकोट, जिला मलखान सिंह चिकित्सालय, एमएलजी महिला चिकित्सालय, पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय, जेएन मेडिकल कॉलेज बालरोग विभाग, जेएन मेडिकल कॉलेज कम्यूनिटी मेडिसन एवं जिला शीत शृंखला।
मोबाइल में नेटवर्क नहीं आने पर क्या करेंगे
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सभागार में ड्राई रन में शामिल होने वाले पुरुष व महिला स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित किया गया। उन्हें जानकारी दी गई कि ड्राई रन के दौरान मोबाइल पर नेटवर्क नहीं आने या मोबाइल के काम नहीं करने पर क्या करना होगा।
एसएमओ अब्दुर रहमान एवं वैक्सीन कोल्डचेन मैनेजर रविंद्र शर्मा ने शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र से आए स्वास्थ्यकर्मियों को ड्राई रन से संबंधित प्रशिक्षण दिया। अधिकारियों ने सावधान किया कि ड्राई रन एवं टीकाकरण को चुनाव की तरह समझें। समय से पहले केंद्र पर पहुंच जाए। मोबाइल एप के माध्यम से काम होना है। इसलिए मोबाइल से संबंधित प्रक्रिया को ठीक से समझ लें। मोबाइल में सूची है, जिसमें लाभार्थियों के नाम व उससे संबंधित सूचनाएं उपलब्ध हैं। प्रत्येक सत्र में कितने लोगों को टीके लगने है, मोबाइल में है। प्रशिक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि मोबाइल के काम नहीं करने या नेटवर्क नहीं मिलने की स्थिति में क्या करना है।
ड्राई रन का प्राथमिक उद्देश्य...
- योजना, कार्यान्वयन एवं रिपोर्टिंग तंत्र के बीच संबंध का परीक्षण करना
- वास्तविक कार्यान्वयन से पहले चुनौतियों एवं गाइड मार्ग की पहचान करना
- विभिन्न स्तरों पर कार्यक्रम प्रबंधकों को विश्वास प्रदान करना
- क्षेत्र के वातावरण में को-विन एप्लीकेशन का व्यावहारिक आकलन