रूरा रेल हादसे के बाद बुधवार सुबह छह बजे से ठप हुआ ट्रेनों का संचालन गुरुवार देर रात दस बजे तक पटरी पर नहीं लौट सका है। 40 घंटे से ट्रेनों का रूट डायवर्ट है और कई ट्रेनें रद्द हैं, जिससे अलीगढ़ आने और यहां जाने वाले तकरीबन 40 हजार मुसाफिरों का सफर खराब हो गया है।
हजारों लोगों के बेहद जरूरी काम छूट गए हैं। अलीगढ़ में औसत रेलयात्रियों की रोजाना संख्या लगभग 22 हजार के करीब है, लेकिन कड़ाके की सर्दी में इनकी संख्या में रोजाना दो हजार तक की कमी हो जाती है। अलीगढ़ स्टेशन की पूछताछ पर चालू हेल्पलाइन में मुसाफिरों के फोन लगातार आ रहे हैं, जिससे वह अपनी ट्रेनों की जानकारी कर रहे हैं।
राहत भरी बात ये है कि इस रेल हादसे में घायलों में कोई भी अलीगढ़ का नहीं है। हेल्पलाइन के प्रभारी अधिकारी हैड टीई कालीचरण शर्मा ने मुसाफिरों को उनके सवालों का जवाब दिया।
पौने दो लाख रुपये के टिकट रद्द
अलीगढ़। रूरा रेल हादसे से ट्रेनों का आवागमन ठप है। कोहरे से भी कई ट्रेनें रद्द हैं, जिससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के सामने अपने आरक्षण टिकट रद्द कराने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। बुधवार को लगभग 225 रिजर्वेशन टिकट रद्द हुए। रेलवे अधिकारी एसएल मीना ने बताया कि दोपहर दो बजे तक एक लाख 85 हजार 637 रुपये के टिकट कैंसिल कराए गए हैं। शाम तक ये संख्या और बढ़ गई है।
अलीगढ़ से ट्रेनों का संचालन रूट बदला
सुबह 10.36 बजे प्रयागराज आगरा टूंडला के रूट से अलीगढ़ पहुंची 10.39 बजे दिल्ली रवाना
दोपहर 12.40 बजे रीवा एक्सप्रेस आगरा टूंडला के रूट से अलीगढ़ पहुंची और 12.44 बजे दिल्ली रवाना
दोपहर 2.50 बजे मुंडवाडीह एक्सप्रेस नई दिल्ली से अलीगढ़ पहुंची और टूंडला आगरा के रास्ते से आगे गई
दोपहर 1.00 बजे नई दिल्ली टूंडला पैसेंजर अलीगढ़ पहुंची और टूंडला तक मुसाफिरों को ले गई
दोपहर 3.45 बजे गोमती एक्सप्रेस दिल्ली से अलीगढ़ पहुंची और टूंडला आगरा के रास्ते से आगे रवाना हुई