20 अगस्त को राजीव गांधी की जयंती के अवसर बुजुर्ग लोग उस सभा में उनके संबोधन को याद करते हुए कहते हैं कि उन्होंने भीड़ में मौजूद लोगों से कहा था ऐ पीली शर्ट वाले भाई साहब सुनिये काली टी शर्ट वाले भाई साहब... इससे लोगों को लगा कि राजीव उन्हें व्यक्तिगत रूप से संबोधित कर रहे हैं।
34 साल पहले 13 मई 1991 को गर्मी में हजारों की भीड़ अलीगढ़ नुमाइश मैदान में जमा थी। दोपहर 3.30 बजे एक हेलिकॉप्टर मैदान में उतरता है और उसमें से देश के प्रधानमंत्री रहे राजीव गांधी उतरते हैं। वह अलीगढ़ में लोकसभा चुनाव के लिए जनसभा को संबोधित करने आए थे। यहां उन्होंने कहा था उनकी सरकार आएगी तो खेत में पानी लगा रहा किसान भी मोबाइल पर अपने रिश्तेदारों से बात कर रहा होगा।
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वयोवृद्ध कांग्रेस नेता राजेंद्र मेहरा, सुबोध नंदन शर्मा उस सभा को याद करते हुए कहते हैं कि सभा समाप्त होने के बाद उनकी इस बात पर लोगों ने चर्चा तो की लेकिन कोई समझ नहीं पाया। यहां तक कि कांग्रेस के बड़े नेता नारायण दत्त तिवारी सहित अन्य बड़े नेता मौजूद थे। उस समय इस संबोधन को अलीगढ़ के जिलाधिकारी रहे अरुण कुमार मिश्र और राजीव गांधी के साथ आए सैम पित्रोदा ही समझ रहे थे। इस घटना के करीब छह सात साल बाद जब देश में मोबाइल युग की शुरुआत हुई तब लोगों को राजीव का वह संबोधन याद आया।
20 अगस्त को राजीव गांधी की जयंती के अवसर बुजुर्ग लोग उस सभा में उनके संबोधन को याद करते हुए कहते हैं कि उन्होंने भीड़ में मौजूद लोगों से कहा था ऐ पीली शर्ट वाले भाई साहब सुनिये काली टी शर्ट वाले भाई साहब... इससे लोगों को लगा कि राजीव उन्हें व्यक्तिगत रूप से संबोधित कर रहे हैं। इस सभा के ठीक आठ दिन बाद 21 मई 1991 को उनकी हत्या कर दी गई थी।